माँ का वह प्यार भरा व्यवहार देखकर दिल पिघल जाता है, लेकिन बेटी की आँखों में वो डर साफ दिख रहा था। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार सीरीज में ऐसे इमोशनल सीन्स बहुत हैं जो रूला देते हैं। जब वह लड़का फूल लेकर आया तो लगा शायद सब ठीक हो जाएगा, लेकिन अंत में वह चला गया और लड़की अकेली रह गई, यह दृश्य बहुत भारी था।
नीली शर्ट वाला वह आदमी जब सूरजमुखी का फूल लेकर आया तो लगा कोई रोमांटिक मोड़ आएगा, लेकिन डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार में तो सब उल्टा हुआ। उसकी मुस्कान के पीछे छिपा दर्द साफ झलक रहा था। जब वह चला गया तो लड़की की आँखों से आंसू टपक पड़े, यह सीन देखकर लगता है कि कहानी में कोई बड़ा ट्विस्ट आने वाला है।
अस्पताल के कमरे में सूरजमुखी के फूल थे, जो उम्मीद का प्रतीक लग रहे थे, लेकिन डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार में दिखाया गया कि कैसे उम्मीदें टूट जाती हैं। जब वह लड़की लेट गई और उसकी सांसें धीमी हो गईं, तो माँ का चेहरा देखकर लग रहा था जैसे दुनिया थम गई हो। यह सीन बहुत इमोशनल था और दिल को छू गया।
जब वह लड़का फूल छोड़कर चला गया, तो लगा शायद वह कभी वापस नहीं आएगा। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार में ऐसे मोड़ बहुत आते हैं जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं। लड़की की आँखों में वो उदासी देखकर लगता है कि वह उस लड़के से बहुत प्यार करती थी, लेकिन कुछ गलतफहमी ने सब बिगाड़ दिया।
माँ का वह चेहरा जब वह बेटी को देख रही थी, तो लग रहा था जैसे वह सब कुछ सहन कर रही हो। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार में माँ का किरदार बहुत मजबूत है, जो अपनी बेटी के लिए कुछ भी कर सकती है। जब वह लड़का चला गया तो माँ ने बेटी का हाथ थाम लिया, यह दृश्य बहुत भावुक था और आँखें नम कर गया।