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नकली बीवी, असली राजकुमारवां1एपिसोड

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नकली बीवी, असली राजकुमार

सीता को घर वालों ने सताया। भागते वक्त उसकी मुलाकात युवराज राघव से हुई। उस रात रोहन पैदा हुआ। छह साल बाद राघव ने सीता और रोहन को बचाया और महल ले गया – नकली बीवी-बेटा बनाकर। राघव के चाचा ने रोहन को झूठा साबित करने की कोशिश की। खून और राजमुद्रा की परख हुई – दोनों सच निकले। राघव को लगा छह साल पहले वह औरत कोई और थी, पर वह सीता ही थी। आखिर में तीनों मिल गए।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सीता की मासूमियत दिल छू लेती है

सीता का डरा हुआ चेहरा और कांपते हाथ देखकर दिल पसीज जाता है। नकली बीवी, असली राजकुमार में उसकी भूमिका बहुत प्रभावशाली है। जब राघव ने उसे गले लगाया तो लगा कि शायद यह सब एक गलतफहमी थी। बर्फबारी और लाल लिबास का संयोजन बहुत खूबसूरत लग रहा है।

पिता और भाई का आगमन धमाकेदार

सूरज और सागर के आते ही माहौल बदल गया। नकली बीवी, असली राजकुमार में परिवार के झगड़े दिलचस्प लग रहे हैं। राघव का उनसे टकराव देखकर लगता है कि अब बड़ा संघर्ष शुरू होने वाला है। दरवाजे पर खड़े होकर बात करना और अंदर का तनाव बहुत अच्छे से दिखाया गया है।

रोमांस और खतरे का मिश्रण

चाकू की नोक पर खड़े होकर भी राघव और सीता के बीच जो नजदीकियां दिखीं, वह कमाल की थीं। नकली बीवी, असली राजकुमार में रोमांस और रोमांचक तत्व का संतुलन बहुत अच्छा है। जब वे एक-दूसरे को देखते हैं तो लगता है कि समय थम गया है। यह दृश्य बार-बार देखने लायक है।

मशाल और मोमबत्ती का माहौल

अंधेरे कमरे में मोमबत्ती की रोशनी और बाहर बर्फबारी का दृश्य बहुत सिनेमाई है। नकली बीवी, असली राजकुमार की दृश्यों पर बहुत मेहनत की गई है। जब राघव ने चाकू फेंका तो आवाज और एक्शन दोनों दमदार थे। यह शो सिर्फ कहानी नहीं, एक अनुभव है।

गले मिलने वाला पल जादुई था

जब राघव ने सीता को गले लगाया तो लगा कि सारी दुनिया शांत हो गई। नकली बीवी, असली राजकुमार में ऐसे भावनात्मक पल ही जान हैं। सीता का राघव के कंधे पर सिर रखना और उसका उसे सहलाना बहुत प्यारा लगा। यह जोड़ी स्क्रीन पर बहुत अच्छी लग रही है।

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