इस नाटक की लड़ाई का दृश्य बहुत ही शानदार है। असुर सम्राट का अभिनय देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जब अग्नि वर्मा चट्टान से कूदता है तो लगता है कि अब जीत होगी। देव संघ महाप्रमुख की हालत देखकर दुख हुआ। (डबिंग) अजेय झाड़ूवाला साधु में ऐसे युद्ध दृश्य देखना बहुत रोमांचक है। जादुई प्रभावों का उपयोग बहुत अच्छे से किया गया है। हर पल में तनाव बना रहता है।
सौ फूल महल की अधीश्वरी लाल पोशाक में बहुत सुंदर लग रही हैं। उनकी आंखों में गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। असुर सम्राट को हारते देख बहुत संतोष मिला। व्योम तिवारी पृथ्वी सम्राट की शांत मुद्रा भी ध्यान खींचती है। यह कहानी आगे क्या मोड़ लेगी यह देखना बाकी है। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया।
अग्नि वर्मा का संघर्ष बहुत प्रेरणादायक है। उसने अकेले ही असुर सम्राट को चुनौती दी। सीमित शर्मा वीर धनपति की दाढ़ी और रूप बहुत खास है। चाय पीने वाले दृश्य में शांति है। (डबिंग) अजेय झाड़ूवाला साधु की कहानी में उतार चढ़ाव बहुत अच्छे हैं। मुझे यह शैली बहुत पसंद आ रही है। दोस्तों को भी बताऊंगी।
शिरवर संप्रदाय का प्रमुख बुजुर्ग व्यक्ति बहुत अनुभवी लगते हैं। उनके घायल होने से खतरा बढ़ गया था। निर्मला देवी सुकुमार देवी की मासूमियत देखने लायक है। जब नायक ने विलेन को पछाड़ा तो तालियां बजने लगीं। ऐसे रोमांचक पल बार बार देखने को मिलते हैं। कहानी बहुत आगे बढ़ रही है।
काले कपड़ों वाले खलनायक की हंसी बहुत डरावनी थी। उसके सिर पर बने निशान भी अजीब हैं। अग्नि वर्मा की मुट्ठों की लड़ाई देखकर अच्छा लगा। देव संघ महाप्रमुख ने तलवार पकड़ने का तरीका बहुत अच्छा दिखाया। (डबिंग) अजेय झाड़ूवाला साधु में हर किरदार की अपनी अहमियत है। कोई भी किरदार फालतू नहीं लगता।
पवेलियन में चाय पीने का दृश्य बहुत सुकून देने वाला है। व्योम तिवारी पृथ्वी सम्राट सफेद कपड़ों में साधु जैसे लगते हैं। निर्मला देवी सुकुमार देवी की चंचलता कहानी में हल्कापन लाती है। अग्नि वर्मा को दिया गया टोकन रहस्यमयी लग रहा है। आगे की कहानी का इंतजार है। मुझे यह पसंद है।
लाल और सफेद पोशाक वाले लोगों का समूह बहुत व्यवस्थित लग रहा था। असुर सम्राट की शक्तियां बहुत खतरनाक थीं। धूल और धुएं का प्रभाव असली लगता है। अग्नि वर्मा की फुर्ती देखकर हैरानी हुई। (डबिंग) अजेय झाड़ूवाला साधु को देखना मेरी आदत बन गई है। हर भाग में कुछ नया होता है। बहुत मजा आ रहा है।
सीमित शर्मा वीर धनपति के चेहरे के भाव बहुत मजेदार हैं। वे चाय पीते समय कुछ अलग ही लग रहे थे। अग्नि वर्मा ने सबको हैरान कर दिया। खलनायक के गिरने के बाद सबकी राहत साफ दिखी। देव संघ महाप्रमुख की आंखों में आंसू थे। यह भावनात्मक पल बहुत अच्छा था। सबने राहत की सांस ली।
चट्टान से कूदने का करतब बहुत खतरनाक लग रहा था। असुर सम्राट की हार के बाद उसका चेहरा बदल गया। सौ फूल महल की अधीश्वरी ने तलवार संभालने का तरीका अच्छा दिखाया। (डबिंग) अजेय झाड़ूवाला साधु में युद्ध और नाटक का अच्छा मिश्रण है। मुझे यह संतुलन बहुत पसंद आया है। देखते रहना चाहती हूं।
अंत में सब लोग इकट्ठे होकर बात कर रहे हैं। अग्नि वर्मा की जिम्मेदारी बढ़ गई है। व्योम तिवारी पृथ्वी सम्राट की सलाह महत्वपूर्ण लगती है। निर्मला देवी सुकुमार देवी की मुस्कान देखकर अच्छा लगा। यह कहानी आगे बहुत रोचक होने वाली है। मुझे अगला भाग देखने की उत्सुकता है। बहुत बढ़िया।