जब उसने वह बड़ा सफेद डब्बा खोला तो मुझे यकीन नहीं हुआ। काबिर नींद में कितना प्यारा लग रहा था, काली सफेद पोशाक में। मालकिन का चेहरा देखकर साफ था कि वह खुश है। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - 2 में ऐसे सीन दिल जीत लेते हैं। उसकी आंखों में चमक और शर्मीला अंदाज देखकर मैं भी पिघल गई। सच में यह उपहार सबसे खास था।
वह ठंडे मैदान में गर्माहट देना चाहता था, यह सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। काबिर ने अपनी मालकिन के लिए खुद को उपहार बना दिया। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - 2 की कहानी में यह मोड़ बहुत भावुक था। उसने माफी मांगी कि उसे जगाना पड़ा, पर मालकिन ने प्यार से उसके गाल को छुआ। यह रिश्ता सिर्फ नौकर का नहीं, दिल का है।
दृश्य बहुत ही शानदार थे, बड़ा झूमर और लाल पर्दे। नायिका की लाल साड़ी और काबिर के चांदी जैसे बालों का मेल कमाल का था। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - 2 में दृश्यों पर बहुत ध्यान दिया गया है। जब वह पेटी से बाहर निकला तो लगा कोई परी उतरी हो। रोशनी का खेल और संगीत ने माहौल को और भी रोमांटिक बना दिया था।
शुरू में वह विराज और कियान के बारे में सोच रही थी, पर अंत में काबिर ने सबकी जीत हासिल कर ली। उसकी मासूमियत ने सबको दीवाना बना दिया। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - 2 में ऐसे मोड़ उम्मीद नहीं थे। उसने कहा कि वह उसे गर्माहट दे सकता है, यह संवाद बहुत गहरा था। सच में प्यार की कोई सीमा नहीं होती।
दिन भर की थकान के बाद जब उसे यह तोहफा मिला तो उसकी खुशी देखने लायक थी। उसने कहा कि काम बहुत थका देने वाला था, पर अब सब ठीक है। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - 2 में भावनाओं को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। काबिर की नींद और फिर जागकर माफी मांगना, सब कुछ बहुत स्वाभाविक लगा। मुझे यह जोड़ी बहुत पसंद आई।
उसने कहा था कि वह बस खूबसूरत लड़कों के साथ बेफिक्र होकर जीना चाहती है। और काबिर तो बिल्कुल वैसा ही निकला। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - 2 में हर किरदार अपनी जगह खास है। काबिर के कान और उसकी पोशाक ने उसे और भी प्यारा बना दिया। मालकिन ने उसे वापस सोने को कहा, यह देखकर लगा कि वह उसकी परवाह करती है।
जब वह दरवाजे के पास खड़ी थी तो उसे नहीं पता था कि अंदर क्या इंतजार कर रहा है। बड़ी पेटी में काबिर का लेटना और जादुई रोशनी बहुत सुंदर थी। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - 2 में ऐसे सीन बार-बार देखने को मन करता है। उसने पत्र पढ़ा और फिर रिबन खोला, हर पल में उत्सुकता बढ़ती गई। अंत में जो मुस्कान थी वह सब कुछ कह गई।
यह रिश्ता सिर्फ हुकुम चलाने का नहीं, एक दूसरे को समझने का है। काबिर ने आश्चर्य देने के लिए इतनी मेहनत की। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - 2 में यह समीकरण बहुत प्यारा लगा। मालकिन ने उसका हाथ थामा और प्यार से देखा। ऐसा लगा जैसे दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे हैं। यह कहानी दिल को छू लेती है।
काबिर की आंखों में आंसू थे जब वह जागा, उसे लगा शायद मालकिन को पसंद नहीं आएगा। पर मालकिन की मुस्कान ने सब बदल दिया। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - 2 में अभिनय बहुत लाजवाब है। उसने कहा कि यह चुनना मुश्किल है, पर काबिर ने चुनौती ही नहीं दी, दिल जीत लिया। यह पल हमेशा याद रहेगा।
रात हो चुकी थी पर दोनों के बीच की खामोशी बहुत कुछ कह रही थी। उसने कहा कि बाकी कल बात करेंगे, अभी सो जाओ। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - 2 का अंत बहुत सुकून भरा था। काबिर की वफादारी और मालकिन का प्यार देखकर लगता है कि यह कहानी आगे और भी रोमांचक होगी। मुझे अगली कड़ी देखने का इंतजार है।