उनकी जोड़ी बहुत जबरदस्त है। विराज सीमाएं पार करना जानता है। कपड़े बदलते वक्त कमर पर हाथ रखना बहुत ज्यादा था। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - २ में ये दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। मालकिन भी मना करती है पर रुकती नहीं। ऐसे सेवक हर किसी के नसीब में कहाँ होते हैं। बहुत गहरा जादू है इनकी आँखों में।
पोशाकें बहुत शानदार हैं। लाल और काला रंग उनके शैतानी अंदाज को सूट करता है। शीशे वाला दृश्य बहुत खास था। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - २ की बनावट पर कोई शक नहीं। विराज की पकड़ और मालकिन की सांसें रुकना बिल्कुल असली लगता है। मैं बारबार यही दृश्य देख रही हूँ।
यह सेवक का काम है वाली लाइन बहुत व्यंग्यात्मक परंतु मीठी थी। वो निश्चित रूप से सिर्फ सेवक नहीं है। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - २ में संवाद बहुत भारी हैं। जब वो कहता है सब कुछ बदलना चाहिए तो मतलब साफ है। ये रिश्ता साधारण नहीं है बिल्कुल।
खिड़की के पास वो चुंबन! रोशनी बिल्कुल सही थी। सूरज की रोशनी में उनकी छाया जादुई लग रही थी। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - २ का ये अंतिम दृश्य दिल जीत लेता है। विराज ने जब पकड़ा तो लगा समय थम गया। ऐसे रोमांस की कमी है आजकल की कहानी में।
वह विरोध करने की कोशिश करती है लेकिन तुरंत पिघल जाती है। उसे पता है कि कौन से बटन दबाने हैं। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - २ में शक्ति संतुलन बहुत रोचक है। मालकिन होने के बावजूद वो उसके काबू में है। विराज की चालाकी देखते बनती है।
सींग और कान रोमांस में एक अनोखा स्पर्श जोड़ते हैं। यह कोई आम इंसानी प्रेम कहानी नहीं है। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - २ का काल्पनिक तत्व बहुत प्रभावशाली है। जादुई चमक जब वो पास आते हैं तो स्क्रीन पर छा जाती है। मुझे ये अंधेरा और रोशनी का खेल बहुत पसंद आया।
आप उसकी आँखों में ललक देख सकते हैं। यह सिर्फ वासना नहीं, गहरा स्नेह भी है। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - २ में भावनात्मक परत बहुत गहरी है। जब वो माफ़ी मांगता है तो झूठ लगता है पर प्यार सच्चा है। मालकिन की चुप्पी सब कह जाती है।
दृश्य धीरे धीरे कपड़े बदलने से चुंबन तक बढ़ता है। कोई जल्दी नहीं, सिर्फ शुद्ध तनाव। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - २ की गति बहुत सही है। हर स्पर्श के साथ गर्माहट बढ़ती जाती है। विराज का धैर्य और फिर अचानक हमला देखने लायक था।
मैं शीशे वाले दृश्य के दौरान सांस रोके हुए थी। उम्मीद नहीं थी कि वो इतना आगे जाएगा। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - २ देखते वक्त दिल की धड़कन तेज हो गई। ऐसे दृश्य बारबार देखने को मिलें तो अच्छा है। विराज जैसे किरदार की दीवानगी बढ़ रही है।
गहरा रोमांस अपने सर्वोत्तम रूप में। लाल गुलाब और ताज उनकी स्थिति का प्रतीक हैं। (डबिंग) प्यार या मौत: कैसे जीतूँ इन शैतानी सेवकों का दिल? - २ का माहौल बहुत रोमांटिक और खतरनाक है। मालकिन और सेवक का ये खेल कब गंभीर हो गया पता नहीं चला। बस यही चाहती हूँ और देखूँ।