शुरू की लड़ाई का दृश्य बहुत धमाकेदार था। चमड़े का जैकेट पहने आदित्य अकेले कई गुंडों को पटखनी दे रहा था। बारिश में खून बह रहा था और माहौल बहुत गंभीर था। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। पिता को बचाने की कोशिश में उसकी आंखों में आंसू और गुस्सा दोनों साफ दिख रहे थे। खलनायक का आगमन भी बहुत डरावना था। सब हैरान थे।
रात के अंधेरे से सीधे विद्यालय की कक्षा में पहुंचना बहुत अचानक लगा। चश्मे वाले आदित्य का अवतार बिल्कुल बदल गया था। कोई नहीं जानता कि वह कल रात क्या कर रहा था। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य की कहानी में यह मोड़ बहुत अच्छा लगा। कक्षा में सब उसे नए छात्र की तरह देख रहे थे। लेकिन उसकी आंखों में वही पुरानी चमक अभी भी बाकी है। सबको उसकी असली पहचान जानने की जल्दी है।
बूढ़े व्यक्ति का किरदार बहुत दर्दनाक था। वह आदित्य के पिता जैसे लग रहे थे। जब वह जमीन पर गिरा तो दिल दहल गया। बच्चा रो रहा था और आदित्य कुछ कर नहीं पा रहा था। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में भावनात्मक दृश्य बहुत गहराई से दिखाए गए हैं। सूट वाले व्यक्ति ने जो धमकी दी उससे साफ है कि खतरा अभी टला नहीं है। परिवार का बंधन बहुत मजबूत दिखाया गया है।
काले सूट वाले व्यक्ति की संवाद अदायगी बहुत भारी थी। उसने कहा कि आज वह नहीं मारेगा लेकिन कल मर जाएगा। यह बात सुनकर आदित्य के चेहरे का रंग उड़ गया। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में खलनायक की ताकत बहुत ज्यादा दिखाई गई है। आठ बड़े परिवारों की बात करके उसने अपनी ताकत का अंदाजा दे दिया। अब देखना है आदित्य क्या करता है। सस्पेंस बना हुआ है।
कक्षा में जब कुछ लड़के हंसते हुए आए तो माहौल बदल गया। उन्हें लगता है कि आदित्य डरपोक है। लेकिन उन्हें क्या पता कि वह कौन है। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में विद्यालय का माहौल भी लड़ाई से कम नहीं है। आदित्य ने चुपचाप अपनी सीट ले ली। उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा डरावनी लग रही थी। सबको उसका अंजाम जानने की जल्दी है। रोहित भाई का जिक्र हुआ है।