मनीष के साथ जो हुआ वो दिल दहला देने वाला था। सबने मोबाइल निकाल लिए पर मदद कोई नहीं किया। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में ये दिखाया गया है कैसे भीड़ का हिस्सा बनना कितना खतरनाक है। एडिटी की चुप्पी भी सवाल खड़ा करती है। क्या वो डरा हुआ था या कुछ और योजना थी? हर दृश्य में तनाव बना हुआ है।
छत वाली लड़ाई देखकर गुस्सा आ गया। चमड़े के कपड़े वाला गुंडा सबको डरा रहा था। एडिटी यादव को भी नहीं छोड़ा। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य की कहानी में शक्ति का खेल बहुत गहरा है। जब दोस्तों ने एडिटी को सहारा दिया तो लगा उम्मीद है। स्कूल का माहौल इतना खराब क्यों दिखाया गया है?
मनीष के गिरने का दृश्य अभी भी दिमाग में है। सब ऊपर से देख रहे थे। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में ये दिखाया कि कैसे एक गलती पूरी जिंदगी बदल सकती है। एडिटी की आंखों में डर साफ दिख रहा था। क्या वो अगला शिकार होगा? कहानी में बहुत सारे राज छिपे हैं जो धीरे धीरे खुलेंगे।
मोबाइल में चित्रण बनाने वाले छात्रों पर बहुत गुस्सा आता है। इंसानियत मर गई है क्या। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य ने सामाजिक माध्यम के गलत इस्तेमाल को भी दिखाया है। एडिटी जब अकेले शराब पी रहा था तो उसका दर्द समझ आया। क्या वो बदला लेगा? हर कड़ी के बाद रहस्य बढ़ता जाता है।
गुंडे का संवाद कि टिकट रद्द हो गया, बहुत भारी था। पैसे के लिए सब कुछ हो रहा है। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में कक्षा की व्यवस्था को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। एडिटी यादव का किरदार बहुत मजबूत लग रहा है। वो चुपचाप सब सह रहा है पर आंखों में आग है। आगे क्या होगा ये जानने की उत्सुकता है।