ग्रेसन की निगाहों में जो खूनखारानी है वो देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जब वह निजी विमान में बैठकर उसको तकलीफ में देखकर हंस रहा था, तब समझ आया कि यह कोई साधारण कहानी नहीं है। थैंक्सगिविंग का हत्याकांड नामक इस शो में हर पल मौत नाच रही है। बर्फ पर खून के निशान और ड्रोन का कैमरा सब कुछ रिकॉर्ड कर रहा है। क्या वह बच पाएगी? यह सवाल दिमाग में है।
नारंगी सूट वाली साथी की मुस्कान में छिपी खतरनाक साजिश स्पष्ट है। ग्रेसन के साथ मिलकर वह इस खेल को नियंत्रित कर रही है। जब कीड़े और भेड़िए हमला करते हैं तो दिल दहल जाता है। थैंक्सगिविंग का हत्याकांड की कहानी में अमीरी का घमंड इंसानियत को खा गया है। नेटशॉर्ट पर ऐसे थ्रिलर देखना रोमांचक है। सच में बहुत डरावना है।
बर्फ में लेटी वह दर्द से कराह रही थी। उसके शरीर पर जोंक और कीड़े रंगते हुए देखकर बहुत बुरा लगा। ग्रेसन का गुस्सा और फिर हंसी सब कुछ नाटकीय लग रहा था। थैंक्सगिविंग का हत्याकांड में दिखाया गया हर सीन दिल पर चोट करता है। क्या यह बदला है या सजा? कुछ समझ नहीं आ रहा। बहुत ही दुखद दृश्य थे।
आसमान में उड़ते ड्रोन और जमीन पर तड़पती जान। यह दृश्य बहुत ही भयावह था। ग्रेसन टैबलेट पर सब देख रहा था और मजे ले रहा था। थैंक्सगिविंग का हत्याकांड जैसे शो में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल क्रूरता के लिए हुआ है। बर्फीली रात में उसकी चीखें गूंज रही थीं। यह कहानी बहुत गहरी है।
जब जंगल में भेड़िए दहाड़ रहे थे, तो लगा कि अब अंत निकट है। वह अकेली और बेचारी थी। ग्रेसन और उसकी साथी का व्यवहार बहुत ही निंदनीय था। थैंक्सगिविंग का हत्याकांड की पटकथा में जानवरों को भी इस्तेमाल किया गया है। यह कहानी बहुत गहरी और डरावनी है। देखकर डर लग रहा था।
उसने बर्फ पर रेंगते हुए खून के निशान छोड़े थे। यह दृश्य बहुत ही दर्दनाक था। ग्रेसन की आंखों में कोई रहम नहीं था। थैंक्सगिविंग का हत्याकांड में दिखाया गया संघर्ष बहुत ही कच्चा और असली लगता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कंटेंट की उम्मीद नहीं थी। बहुत ही झकझोर देने वाला था।
जब सेंटीपीड उसके पास आया तो सांस रुक गई। ग्रेसन का चेहरा गुस्से से लाल हो गया था जब उसने टैबलेट देखा। थैंक्सगिविंग का हत्याकांड में हर पल नया खतरा सामने आ रहा है। अमीरों के इस खेल में गरीब की जान मायने नहीं रखती। बहुत ही झकझोर देने वाली कहानी है। सच में बुरा लगा।
विमान के अंदर का आराम और बाहर की बर्बादी। ग्रेसन और वह साथी हंस रहे थे जबकि कोई तड़प रहा था। थैंक्सगिविंग का हत्याकांड की कहानी में यह विरोधाभास बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। हर सीन में एक नया सवाल खड़ा होता है। देखने वालों के लिए चौंकाने वाला है।
उसके शरीर पर जोंक चिपकी हुई थीं। यह दृश्य देखकर बहुत घिन आई। ग्रेसन की साजिश बहुत गहरी लग रही है। थैंक्सगिविंग का हत्याकांड में दिखाई गई यातनाएं बहुत ही भयावह हैं। क्या कोई उसे बचाने आएगा? यह सवाल हर पल दिमाग में चल रहा है। बहुत ही डरावना माहौल था।
बर्फ में लेटी वह चीख रही थी। ग्रेसन की आंखों में चमक थी। थैंक्सगिविंग का हत्याकांड का अंत क्या होगा यह कोई नहीं जानता। नेटशॉर्ट पर यह सीरीज देखकर रात भर नींद नहीं आई। बहुत ही तीव्र और डरावना अनुभव था। सबको देखना चाहिए।