लालच इंसान को कहां ले जाता है यह देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जब वे तिजोरी से सोना निकाल रहे थे तो लगा सब ठिक है परंतु दीवार के पार दुश्मन ने असली खेल दिखाया। पानी भरने लगा और फिर भागमभाग शुरू हुई। हर किसी का चेहरा डर से कांप रहा था। यह कहानी सिर्फ चोरी की नहीं बल्कि भरोसे के टूटने की है। अंत में बचने की जद्दोजहद देखकर दिल दहल गया। बहुत ही शानदार प्रस्तुति है जो दर्शकों को बांधे रखती है।
सुरंग में पानी भरते ही सारा माजरा बदल गया। जो दोस्त लग रहे थे वे अब एक दूसरे के लिए खतरा बन गए। दीवार के पार दुश्मन में ऐसे मोड़ देखना बहुत रोमांचक है। गीले कपड़ों में संघर्ष करते हुए पात्रों की मेहनत साफ दिख रही थी। बैग को सिर पर उठाकर चलना आसान नहीं था। पानी का बहाव तेज था और जान का खतरा बढ़ गया। यह दृश्य फिल्म का सबसे खास हिस्सा बना हुआ है।
लंबे बालों वाले नेता का गुस्सा देखकर लगता है कि वह सबको धोखा देगा। उसने रंगीन कमीज वाले को पकड़कर धमकाया। दीवार के पार दुश्मन की कहानी में विश्वासघात का तत्व बहुत गहरा है। सोने की चमक ने सबकी आंखें अंधी कर दीं। वॉल्ट से निकलते वक्त जो घबराहट थी वह लाजवाब थी। हर पल लगता था कि अब क्या होगा। ऐसे रोमांचक फिल्म देखने का मजा ही अलग है।
जब पाइप फटा और पानी की धारा निकली तो सांसें रुक गईं। दीवार के पार दुश्मन में ऐसे रोमांचक दृश्यों की कमी नहीं है। गंदे पानी में कूदना और बैग बचाना आसान नहीं था। हर किरदार अपनी जान बचाने में लगा था। सोना भारी पड़ रहा था पर छोड़ने को कोई तैयार नहीं था। यह लालच की सबसे बड़ी निशानी थी। दर्शक भी इस स्थिति में खुद को पाकर घबरा जाएंगे।
तिजोरी खोलते वक्त जो खामोशी थी वह शोर से ज्यादा डरावनी थी। दीवार के पार दुश्मन ने हर पल रहस्य बनाए रखा। गिनती करते हुए नोट और सोने की ईंटें लालच बढ़ा रही थीं। गंजे वाले का चेहरा शक से भरा हुआ था। सबको पता था कि यह आखिरी मौका है। बाहर निकलने का रास्ता मुश्किल था। ऐसे में दोस्ती की परीक्षा होना लाजमी था। बहुत ही गहराई से लिखी गई स्क्रिप्ट है।
जमीन के नीचे बनी सुरंग में जाना जोखिम भरा था। दीवार के पार दुश्मन में लोकेशन का चुनाव बहुत सही है। अंधेरा और नमी का अहसास स्क्रीन पर साफ झलकता है। जब वे भाग रहे थे तो पैर फिसलने का डर बना हुआ था। पानी बढ़ता गया और रास्ता बंद होता गया। यह घुटन भरा माहौल दर्शकों को पसीने में ला देता है। रोमांच बना रहता है।
रंगीन कमीज वाले आदमी की आंखों में डर साफ दिख रहा था। दीवार के पार दुश्मन में हर कलाकार ने अपना किरदार निभाया है। वह बार बार पीछे मुड़कर देख रहा था कि कोई पीछा तो नहीं कर रहा। लालच में इंसान क्या कुछ नहीं कर सकता। सोने के बैग भारी थे पर उम्मीदें उससे भी भारी थीं। अंत में बचना मुश्किल लग रहा था। यह कहानी हमें सिखाती है कि लालच बुरी बला है।
वॉल्ट के अंदर का नज़ारा किसी खजाने से कम नहीं था। दीवार के पार दुश्मन में सजावट बहुत अच्छी है। सोने की ईंटों की चमक कैमरे में कैद होकर और भी बढ़ गई। वे जल्दी जल्दी बैग भर रहे थे जैसे वक्त कम हो। हर सेकंड कीमती था। बाहर दुनिया में कोई नहीं जानता था कि यहां क्या हो रहा है। यह गुप्त कार्य बहुत खतरनाक साबित हुआ। रोमांच से भरा हुआ सफर है।
पानी में डूबते हुए बैग को बचाने की कोशिश देखकर हंसी भी आई और गुस्सा भी। दीवार के पार दुश्मन में ऐसे विरोधाभासी पल बहुत हैं। जान जाने का डर था पर धन मोह नहीं गया। वे चीख रहे थे पर पानी का शोर ज्यादा था। अंधेरी सुरंग में रोशनी की किरण दिख रही थी पर पहुंचना मुश्किल था। यह संघर्ष मानवीय कमजोरी को दर्शाता है। बहुत ही प्रभावशाली दृश्य हैं।
अंत में जब वे बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे तो उम्मीद बंधी थी। दीवार के पार दुश्मन का अंत बहुत तगड़ा है। गीली मिट्टी और पत्थरों पर चलना जोखिम भरा था। हर कदम पर मौत मंडरा रही थी। क्या वे सच में बच पाएंगे या लालच में फंस जाएंगे। यह सवाल मन में बना रहता है। ऐसी फिल्में बार बार देखने को मन करती हैं। बहुत ही बेहतरीन काम है।
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