इस दृश्य में तनाव इतना अधिक है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। जब वह महिला मरीज को जबरदस्ती नीचे गिराती है, तो लगता है जैसे धोखे की शादी की कहानी किसी अंधेरे मोड़ पर पहुंच गई हो। उस पुरुष का चेहरा देखकर डर लग रहा है, वह मदद करना चाहता है लेकिन मजबूर है। यह दृश्य दर्शाता है कि कैसे पागलपन इंसान को अंधा बना देता है।
जब उसने इंजेक्शन की सुई निकाली, तो मेरी रूह कांप गई। यह दृश्य धोखे की शादी के सबसे क्रूर पलों में से एक है। वह महिला जिस तरह से मरीज को पकड़कर रखती है, वह किसी विलेन से कम नहीं लग रही। बीच में कार वाला सीन थोड़ा अजीब लगा, शायद कोई मदद आ रही होगी? लेकिन अस्पताल के कमरे का माहौल बहुत ही दमघोंटू है।
फर्श पर गिरा खून का निशान और वह बेचारी महिला जो दर्द से तड़प रही है, यह सब देखकर दिल दहल गया। धोखे की शादी में ऐसे दृश्य दिखाकर निर्माताओं ने हद कर दी है। वह आदमी जो पाजामे में है, उसकी आंखों में बेबसी साफ दिख रही है। काश वह दरवाजा तोड़कर कोई अंदर आ जाता और इस अत्याचार को रोक पाता।
सूट पहने हुए उस व्यक्ति का दरवाजे को पीटना और अंदर की आवाजें सुनकर घबरा जाना, यह सीन बहुत ही तीव्र था। लगता है धोखे की शादी की कहानी में अब कोई बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। अंदर जो हो रहा है वह किसी हॉरर फिल्म से कम नहीं है। उस महिला का चेहरा देखकर लगता है कि उसने कोई बहुत बड़ा गुनाह करने का फैसला कर लिया है।
क्या कोई इंसान इतना क्रूर हो सकता है? वह महिला जिस तरह से मरीज के मुंह पर हाथ रखकर उसे चुप कराती है, वह देखना असहनीय है। धोखे की शादी के इस एपिसोड में हिंसा का स्तर बहुत बढ़ गया है। कार में बैठे लोगों की घबराहट साफ जाहिर करती है कि वे किसी बड़ी मुसीबत की ओर बढ़ रहे हैं। यह कहानी अब बहुत गंभीर हो गई है।