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धोखे की शादीवां54एपिसोड

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धोखे की शादी

कावेरी को उसके पति अग्नि ने गाँव ले जाकर अपनी दूसरी औरत के साथ मिलकर ज़हर दिया और उसके पिता सूरज को भी मरवा दिया। कावेरी उसी दिन लौट आई। उसने अपने पिता को इशारा भेजा। सूरज आया, और दोनों ने अग्नि का पर्दाफाश कर दिया। अग्नि नदी में गिरकर गायब हो गया, फिर बदलकर किसी और के घर का राजकुमार बनकर लौटा। कावेरी ने उसकी चाल पकड़ी और सगाई की रात सबके सामने उसका असली चेहरा दिखा दिया। उसे सज़ा मिली, और कावेरी ने अपने परिवार को बचा लिया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

छाती पर निशान का सच

वीडियो की शुरुआत में ही जब उस लड़के ने अपनी शर्ट खोली और छाती पर निशान दिखाया, तो सबकी सांसें रुक गईं। यह धोखे की शादी का सबसे बड़ा सबूत था। उसकी आंखों में डर और गुस्सा दोनों थे। दर्शक के रूप में मैं भी हैरान रह गई कि आखिर यह निशान कैसे आया और किसने लगाया। यह दृश्य पूरे नाटक का टर्निंग पॉइंट बन गया।

बूढ़े दादाजी का गुस्सा

जब बूढ़े दादाजी ने उस लड़के को थप्पड़ मारा, तो पूरा हॉल सन्न रह गया। उनकी आंखों में निराशा और गुस्सा साफ दिख रहा था। यह धोखे की शादी के बाद की सबसे भावनात्मक घटना थी। दादाजी का चरित्र बहुत मजबूत दिखाया गया है, जो परिवार की इज्जत को सबसे ऊपर रखते हैं। उनका यह एक्शन देखकर लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है।

दुल्हन की मुस्कान का रहस्य

सफेद गाउन में खड़ी दुल्हन की मुस्कान में कुछ छिपा हुआ लग रहा था। जब सब कुछ गड़बड़ हो रहा था, तब भी वह शांत और मुस्कुराती हुई दिख रही थी। यह धोखे की शादी का सबसे बड़ा सस्पेंस है। क्या वह सब कुछ जानती थी? या फिर वह भी किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है? उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी जो सब कुछ बता रही थी।

व्हीलचेयर वाले आदमी की चाल

काले कपड़े और टोपी पहने वह आदमी व्हीलचेयर में बैठा था, लेकिन उसकी आंखों में एक अजीब सी चालाकी थी। वह सब कुछ देख रहा था और शायद सब कुछ जानता था। यह धोखे की शादी का सबसे खतरनाक खिलाड़ी लग रहा है। उसकी मौजूदगी से पूरे माहौल में एक डर और सस्पेंस बना हुआ था। वह आखिर कौन है और क्या चाहता है?

मीटिंग का ड्रामा

बड़े हॉल में हुई वह मीटिंग सिर्फ एक प्रेजेंटेशन नहीं थी, बल्कि एक बड़ा ड्रामा था। स्क्रीन पर कंपनी के नाम और लोगो दिख रहे थे, लेकिन असली खेल तो लोगों के चेहरों पर चल रहा था। यह धोखे की शादी का सबसे बड़ा मंच था जहां सब कुछ खुलने वाला था। हर किसी के चेहरे पर अलग-अलग भाव थे जो कहानी को और भी दिलचस्प बना रहे थे।

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