ली फेंग का गुलाबी साइन बोर्ड देखकर हंसी नहीं रुक रही थी। उसने गौरी शर्मा से मिलने के लिए ऐसा नाटक किया, पर असली कहानी तो बाद में खुली। जब वैन में बैठकर वे भागे, तो चेतन गुप्ता का गुस्सा देखने लायक था। इस शो में अमीरी और गरीबी का खेल बहुत मजेदार है। नकली प्रेमी, सच्चा प्यार का हर मोड़ चौंकाने वाला है। गांव के सीन में बैग बेचने वाली महिला की मासूमियत दिल को छू गई। सस्पेंस बना हुआ है कि आखिर ये अमीर लोग छुप क्यों रहे हैं।
चेतन गुप्ता की जलन साफ झलक रही थी जब उसने ली फेंग को गौरी शर्मा के साथ देखा। ब्राउन सूट में उसका अंदाज ठंडा था, पर हाथ कुछ नहीं आया। हरी रंग की कार के पास उसकी बेबसी देखकर मजा आया। कहानी में ट्विस्ट ऐसा है कि कोई भी अंत नहीं बता सकता। नकली प्रेमी, सच्चा प्यार में रिश्तों की कशमकश बहुत गहराई से दिखाई गई है। विलाजेट की सड़कों पर यह ड्रामा देखने में बहुत रंगीन लग रहा है।
सफेद वैन वाला सीन मेरा पसंदीदा है। ली फेंग और गौरी शर्मा का उसमें बैठकर भागना किसी एक्शन फिल्म से कम नहीं था। चेतन गुप्ता पीछे छूट गया और चिल्लाता रह गया। यह शो बताता है कि प्यार गाड़ी की कीमत नहीं देखता। नकली प्रेमी, सच्चा प्यार की कहानी में सादगी की जीत हुई है। गांव वाले भी हैरान थे जब लग्जरी कारें तिरपाल के नीचे छिपी थीं। यह हास्य और जज्बात का बेहतरीन मिश्रण है।
शुरू में जो आदमी दस्तावेज पढ़ रहा था, उसे देखकर लगा कोई बड़ा व्यापारिक सौदा है। पर बाद में पता चला सब नाटक है। बैग बेचने वाली महिला को सच्चाई का पता नहीं था। ली फेंग के आगमन ने सब बदल दिया। नकली प्रेमी, सच्चा प्यार में हर किरदार की अपनी खासियत है। चेतन गुप्ता की नकारात्मकता और ली फेंग की सकारात्मकता का टकराव देखने लायक है। संवाद भी बहुत चुभते हैं।
गौरी शर्मा की सफेद पोशाक और उसका आत्मविश्वास लाजवाब था। उसने ली फेंग का हाथ थामा तो चेतन गुप्ता का चेहरा देखने लायक था। यह सिर्फ प्यार की कहानी नहीं, बल्कि अहंकार की टक्कर है। नकली प्रेमी, सच्चा प्यार में अमीरी और गरीबी का मेल बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। वैन से लग्जरी कार तक का सफर आसान नहीं था। हर कड़ी में नया मोड़ मिल रहा है।
बुजुर्ग महिला का सीन बहुत हंसी वाला था। ली फेंग को लगा शायद कोई मुसीबत आ गई। पर वह तो बस एक मजाक था। इस शो में हास्य समय बहुत सटीक है। नकली प्रेमी, सच्चा प्यार के सेट पर मेहनत साफ दिख रही है। गांव के घर के बाहर लाल झंडे और सजावट बहुत प्यारी लग रही थी। चेतन गुप्ता की हरकतें अब और नहीं चलेंगी। अंत कौन जीतेगा यह देखना बाकी है।
लग्जरी कारों को तिरपाल से ढकना एक बहुत बड़ा राज है। शायद वे किसी से छुप रहे हैं या कोई परीक्षण ले रहे हैं। ली फेंग और गौरी शर्मा की जोड़ी इसमें फंस गई है। नकली प्रेमी, सच्चा प्यार की पटकथा बहुत मजबूत है। चेतन गुप्ता को लगता है सब उसका है, पर हकीकत कुछ और है। विलाजेट की मिट्टी की खुशबू इस शो में महसूस की जा सकती है। बहुत ही दिलचस्प कहानी चल रही है।
ली फेंग की आंखों में डर और गौरी शर्मा की आंखों में भरोसा साफ दिख रहा था। जब वे वैन में बैठे, तो लगा वे दुनिया से भाग रहे हैं। चेतन गुप्ता का गुस्सा आग उगल रहा था। नकली प्रेमी, सच्चा प्यार में भावनात्मक नाटक बहुत उच्च स्तर का है। सड़क पर भागते हुए चेतन को देखकर तरस आया। यह शो दिल को छू लेता है और हंसाता भी है। बिल्कुल वैसे ही जैसे हम चाहते हैं।
बैग वाले सीन से लेकर लग्जरी कारों तक का सफर बहुत रंगीन रहा है। महिला जो बैग बेच रही थी, उसकी हैरानी जायज थी। ली फेंग ने सबको चौंका दिया। नकली प्रेमी, सच्चा प्यार में हर सीन में कुछ नया है। चेतन गुप्ता की हार तय है क्योंकि उसका इरादा साफ नहीं है। ली फेंग की सादगी ही उसकी ताकत है। यह शो इस मंच पर बहुत पसंद किया जा रहा है।
अंत में जब ली फेंग और गौरी शर्मा साथ खड़े थे, तो लगा प्यार जीत गया। चेतन गुप्ता दूर खड़ा देखता रह गया। यह जीत सिर्फ प्यार की नहीं, इंसानियत की भी है। नकली प्रेमी, सच्चा प्यार का संदेश बहुत गहरा है। अमीरी दिखावे की नहीं, दिल की होती है। गांव के लोग भी इस नाटक का हिस्सा बन गए। आगे क्या होगा यह जानने के लिए मैं बेताब हूं। बहुत ही शानदार निर्माण है।