इस ड्रामे में तनाव इतना गहरा है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। डायनिंग टेबल पर शुरू हुई मुलाकात धीरे-धीरे एक भयानक खेल में बदल जाती है। जब वो शख्स शराब पीकर बेहद नशे में लग रहा था, तो असल में वो एक चाल चल रहा था। बाथरूम वाले सीन में जो हिंसा और डर दिखाया गया है, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। नेटशॉर्ट ऐप पर नंबर १ क्रेज़ी वॉरियर देखते वक्त ऐसा लगा जैसे मैं भी उस कमरे में मौजूद हूं। एक्टिंग इतनी दमदार है कि बुरे किरदार से नफरत और पीड़ित के लिए सहानुभूति अपने आप जाग उठती है। यह कहानी हमें बताती है कि बाहरी चमक-धमक के पीछे कितना अंधेरा छिपा हो सकता है।