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परी ने बाँध लिया पुरुषों वाला सिस्टमवां7एपिसोड

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परी ने बाँध लिया पुरुषों वाला सिस्टम

निर्दयी संप्रदाय की बिना भाव वाली अनुष्का शर्मा, जब परम स्तर पर पहुँचने वाली थी, तो गलती से उसने परम नायकों वाला सिस्टम बाँध लिया। उसे लगा यह दिमागी बीमारी है। इस बीमारी को पार करने के लिए, उसने बिना भावना के तानाशाहों वाले कठिन काम पूरे कर दिए, और सबको उल्टा सबक सिखा दिया। उधर, जिसे उसने "जबरदस्ती पटाने" की कोशिश की, वह दानव क्षेत्र का मालिक रियान सिंह, उसे लगा कि अनुष्का उससे बेइंतहा प्यार करती है। इस तरह शुरू हुआ एक मज़ेदार और उलटा-पुलटा आध्यात्मिक सफर।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बर्फीली हवेली का रहस्य

बर्फ से ढकी वो प्राचीन हवेली देखकर ही रूह कांप गई थी। सफेद बालों वाले पात्र की चुप्पी में बहुत गहराई छिपी हुई है। जब वो काली थैली जोर से नीचे फेंकी गई तो सस्पेंस और भी बढ़ गया। परी ने बाँध लिया पुरुषों वाला सिस्टम में ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मिलते हैं जो दिल को छू लेते हैं। नेटशॉर्ट मंच पर देखने का अनुभव काफी सहज और सुखद रहा है।

गुलाबी बालों वाली की उदासी

गुलाबी बालों वाली की आंखों में गहरी उदासी साफ झलक रही थी। सफेद पोशाक वाले युवक के साथ उसकी शारीरिक भाषा बहुत मैच कर रही थी। सिंहासन पर बैठे का गुस्सा देखकर लगता है कि कोई बड़ा संघर्ष होने वाला है। परी ने बाँध लिया पुरुषों वाला सिस्टम की कहानी में ये भावनात्मक पल बहुत अच्छे लगते हैं। दर्शक इससे जुड़ाव महसूस करते हैं।

सुनहरा दरबार और तनाव

सुनहरे स्तंभों वाला भव्य दरबार देखकर वैभव की झलक मिलती है। वहां खड़े सभी लोगों के चेहरे पर तनाव साफ दिख रहा था। प्रणय कश्यप जैसे पात्रों का परिचय दिलचस्प था। परी ने बाँध लिया पुरुषों वाला सिस्टम में राजनीति और शक्ति का खेल बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। मुझे ये शैली बहुत पसंद आई।

काली थैली का सच

सिंहासन पर बैठे का चेहरा जब गुस्से से बदला तो माहौल भारी हो गया। उसने जो काली थैली नीचे फेंकी उसका मतलब क्या था ये जानने की उत्सुकता बढ़ गई। परी ने बाँध लिया पुरुषों वाला सिस्टम में हर मोड़ पर नया रहस्य खुलता है। चित्रण की गुणवत्ता भी काबिले तारीफ है और हर दृश्य सुंदर है।

प्यारा सा हैम्स्टर

अचानक वो प्यारा सा छोटा प्राणी स्क्रीन पर आया तो सबका ध्यान बंट गया। पीले स्वेटर में वो कितना क्यूट लग रहा था। डिजिटल जगह वाला दृश्य थोड़ा अलग था। परी ने बाँध लिया पुरुषों वाला सिस्टम में ऐसे हास्य पल मिलना दर्शकों के लिए राहत की बात है। नेटशॉर्ट मंच पर सामग्री की विविधता अच्छी है।

पहाड़ों का शांत मंदिर

पहाड़ों के बीच बना वो मंदिर बहुत शांत लग रहा था। बांस के पेड़ और बर्फ का संयोजन दृश्य रूप से बहुत सुंदर था। सफेद बालों वाले योद्धा की एंट्री धमाकेदार थी। परी ने बाँध लिया पुरुषों वाला सिस्टम में पृष्ठभूमि पर खासा ध्यान दिया गया है। देखने वाले को एक अलग ही दुनिया में ले जाता है ये श्रृंखला।

गुरुओं की भव्य पोशाक

दरबार में खड़े सभी गुरुओं के कपड़े और उनकी पोशाकें बहुत विस्तृत थीं। नितीन कपूर जैसे नाम देखकर लगा कि ये किसी खास क्लान की कहानी है। परी ने बाँध लिया पुरुषों वाला सिस्टम में पात्रों की गहराई को बहुत अच्छे से उभारा गया है। हर किसी के चेहरे पर एक अलग ही कहानी लिखी हुई लग रही थी।

खामोशी का शोर

सफेद बालों वाले और गुलाबी बालों वाली के बीच की खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। बिना संवाद के ही भावनाएं समझ आ रही थीं। परी ने बाँध लिया पुरुषों वाला सिस्टम में कहानी कहने का तरीका बहुत मजबूत है। मुझे ये तरीका बहुत पसंद आया क्योंकि इससे कहानी में जान पड़ जाती है और दर्शक जुड़ाव महसूस करते हैं।

युद्ध की घंटी

जब सिंहासन वाला चिल्लाया तो लगा कि अब युद्ध शुरू होगा। उसकी आंखों में नफरत साफ दिख रही थी। महेश जोशी का किरदार भी रहस्यमयी लगा। परी ने बाँध लिया पुरुषों वाला सिस्टम में कार्रवाई और नाटक का संतुलन बहुत अच्छा है। नेटशॉर्ट मंच पर ऐसे श्रृंखला देखना सुकून देता है।

कुल मिलाकर शानदार

कुल मिलाकर ये कार्टून श्रृंखला बहुत प्रभावशाली लगा। कहानी में उतार चढ़ाव हैं जो दर्शक को बांधे रखते हैं। परी ने बाँध लिया पुरुषों वाला सिस्टम को अगर आपने नहीं देखा तो जरूर देखें। कलाकारों का आवाज़ अभिनय और पृष्ठभूमि संगीत ने माहौल को और भी रोमांचक बना दिया है।