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बिखरे राज़वां40एपिसोड

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बिखरे राज़

तारा की ज़िंदगी में एक दिन सब कुछ बदल जाता है। उसका दिल उसके ज़िंदा रहते ही निकाल लिया जाता है। उसकी आत्मा घर लौटती है, और वहाँ क्या देखती है? उसका पूरा परिवार सोनिया को बधाई दे रहा है — क्योंकि उसने नवीन के लिए दिल दान करने वाला ढूंढ लिया है। उसके अपने माँ-बाप, जिनमें पिता पुलिस कमिश्नर हैं और माँ फोरेंसिक एक्सपर्ट हैं, शहर के सबसे बड़े शव-विच्छेदन मामले की जाँच में लग जाते हैं। पर वे यह नहीं पहचान पाते कि वह लाश उनकी अपनी बेटी की है। क्या तारा के माँ-बाप को कभी सच पता चलेगा?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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माँ का दर्द देखकर रूह कांप जाती है

माँ का दर्द देखकर रूह कांप जाती है। जब उसने अपनी बेटी की आत्मा को देखा तो उसकी चीखें दिल दहला देने वाली थीं। बिखरे राज़ ने इस तरह के भावनात्मक दृश्यों को बहुत गहराई से दिखाया है। कैदी का मजाकिया अंदाज गुस्सा दिलाता है। पुलिस वाले भी बेबस लग रहे हैं। यह कहानी हमें न्याय की तलाश में बांधे रखती है। हर कड़ी के बाद अगला देखने का मन करता है। तनाव बना हुआ है। कुल मिलाकर यह शो बहुत प्रभावशाली है और दर्शकों को बांधे रखता है।

रोलांड की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था

रोलांड की आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। वह उस कैदी को वहीं मार डालना चाहता था। बिखरे राज़ में किरदारों के बीच की रसायन बहुत तेज है। जेल की दीवारों के बीच यह जुबानी जंग देखने लायक है। कैदी के चेहरे के निशान उसकी खूंखारी बताते हैं। मां की हालत देखकर कोई भी रो पड़े। निर्देशन बहुत दमदार है। ऐसे रोमांचक कहानी कम ही देखने को मिलते हैं। कहानी में गहराई है जो हर किसी को पसंद आएगी।

उस गंजे कैदी की हंसी सबसे डरावनी थी

उस गंजे कैदी की हंसी सबसे डरावनी थी। वह बिना किसी पछतावे के सबका मजाक उड़ा रहा था। बिखरे राज़ ने खलनायक को इतना घिनौना बनाकर अच्छा किया है। जब उसने फोन पकड़ाया तो लग रहा था कि वह फिर से वही कर रहा है। पीड़ित लड़की की यादें ताजा हो गईं। पुलिस अधिकारी भी अब धैर्य खो रहे हैं। अंत क्या होगा यह जानना जरूरी है। यह शो अपनी शैली में बेहतरीन है।

बेटी की आत्मा का दिखना एक अलग ही तरह का दुख है

बेटी की आत्मा का दिखना एक अलग ही तरह का दुख है। उसके सीने में चमकता हुआ दिल और खून के निशान चौंकाने वाले थे। बिखरे राज़ में अलौकिक तत्वों का उपयोग कहानी को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है। मां को यह सब सहना पड़ रहा है। कमरे का माहौल बहुत भारी लग रहा था। हर कोई सच्चाई जानना चाहता है। यह शो देर रात देखने के लिए बेहतरीन है। दर्शक इसे आसानी से पसंद करेंगे।

पुरानी यादों के दृश्य में जो क्रूरता दिखाई गई

पुरानी यादों के दृश्य में जो क्रूरता दिखाई गई वह सहन नहीं होती। उस बेचारी लड़की को जंजीरों में बांधा गया था। बिखरे राज़ ने अपराध की सच्चाई को बिना लाग लपेट के दिखाया है। कैदी के हाथों में खून लगा था। पुलिस वाले उस पर टूट पड़ना चाहते थे। मां की चीखें गूंज रही थीं। ऐसे दृश्य दर्शकों को झकझोर देते हैं। कहानी में गहराई है। यह शो अपनी शैली में बेहतरीन है।

जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रोया तो लगा

जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रोया तो लगा कि सब खत्म हो गया। उसकी आंखों में लाचारी थी। बिखरे राज़ में हर किरदार का दर्द बराबर दिखाया गया है। कैदी की शरारतें बढ़ती जा रही थीं। मां को संभालना मुश्किल हो रहा था। रोलांड ने उसे रोकने की कोशिश की। तनाव चरम पर था। ऐसे कहानी बार-बार देखे जा सकते हैं। इस मंच पर मिलना अच्छा लगा। कहानी में उतार चढ़ाव बना हुआ है।

उस लड़की की आंखों में खौफ साफ दिख रहा था

उस लड़की की आंखों में खौफ साफ दिख रहा था। कैदी उसे फोन पर बात करने के लिए मजबूर कर रहा था। बिखरे राज़ में मनोवैज्ञानिक खेल बहुत तेज है। मां को यह सब देखकर सदमा लगा। पुलिस वाले गुस्से में थे। कमरे की रोशनी भी डरावनी थी। कहानी में उतार चढ़ाव बना हुआ है। अगली कड़ी कब आएगा इसका इंतजार है। दर्शक इसे आसानी से पसंद करेंगे।

कैदी के चेहरे पर निशान उसकी हिंसक अतीत की कहानी

कैदी के चेहरे पर निशान उसकी हिंसक अतीत की कहानी कहते हैं। वह बार-बार हंस रहा था। बिखरे राज़ में खलनायक का किरदार बहुत मजबूत है। मां की बेबसी देखकर गुस्सा आता है। पुलिस को सबूत चाहिए थे। आत्मा का दिखना रहस्य बढ़ाता है। यह शो अपनी शैली में बेहतरीन है। दर्शक इसे आसानी से पसंद करेंगे। कहानी में गहराई है जो हर किसी को पसंद आएगी।

रोलांड का धैर्य काबिले तारीफ है

रोलांड का धैर्य काबिले तारीफ है। वह गुस्से में भी संभला रहा। बिखरे राज़ में पुलिस वाले की भूमिका महत्वपूर्ण है। कैदी को सबक सिखाना जरूरी है। मां की हालत खराब होती जा रही थी। आत्मा की मौजूदगी सबको हैरान कर रही थी। कहानी में तनाव बना हुआ है। ऐसे रोमांचक कहानी कम ही बनते हैं। देखने का अनुभव रोमांचक रहा। कुल मिलाकर यह शो बहुत प्रभावशाली है।

अंत में कैदी के मुंह से खून निकला तो लगा

अंत में कैदी के मुंह से खून निकला तो लगा कि कुछ गड़बड़ है। वह पागलों की तरह हंस रहा था। बिखरे राज़ ने अंत को बहुत डरावना बनाया है। मां चीख रही थी। पुलिस वाले हैरान थे। यह कहानी हमें सोचने पर मजबूर करती है। न्याय मिलेगा या नहीं यह बड़ा सवाल है। कुल मिलाकर यह शो बहुत प्रभावशाली है। दर्शक इसे आसानी से पसंद करेंगे।