शुरूआत ही से कहानी में एक अजीब सी रहस्यमयी हवा है जब वह लड़का दो फोटो दिखाता है। सुरक्षा कार्यालय की कार्यशैली बहुत सटीक लग रही है। मुझे भूतिया रानी का गुप्त स्वामी का यह हिस्सा बहुत पसंद आया क्योंकि इसमें बिना किसी नाटक के सीधे मामले की बात होती है। पोनीटे वाली अधिकारी की गंभीरता देखकर लगता है कि यह मामला साधारण नहीं है। काश हमें जल्दी पता चले कि ये फोटो किसकी हैं और इनका संबंध क्या है।
उस महिला अधिकारी की आंखों में जो चमक थी जब उसने मैप देखा, वो किसी साहसिक फिल्म से कम नहीं थी। उसने बिना कुछ बोले ही सब कुछ समझ लिया था। भूतिया रानी का गुप्त स्वामी में ऐसे किरदार ही जान डालते हैं जो कम बोलते हैं पर काम ज्यादा करते हैं। कार्यालय का माहौल भी बहुत वास्तविक लगा जहां हर कोई अपने कर्तव्य पर ध्यान है। मुझे यह देखकर मजा आया कि कैसे वे छोटी से छोटी सुराग को भी नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं।
आधा दिन बाद का दृश्य बहुत अनुभव करने जैसा था जब सब थक कर चूर हो गए थे। कागजात का ढेर और खाली मग देखकर लगता है कि रात भर जागकर काम हुआ होगा। भूतिया रानी का गुप्त स्वामी की कहानी कहने के तरीके में यह थकावट भी एक किरदार की तरह लगती है। फिर अचानक उस लड़के का जम्हाई लेना और फिर से उत्साहित हो जाना हास्य टच देता है। ऐसे मोड़ दर्शकों को बांधे रखते हैं और बोरियत नहीं होने देते हैं।
जब वह दरवाजे से नई अधिकारी प्रवेश लेती है तो लगता है कि कोई बड़ी खबर लेकर आई है। उसके हाथ में कागजात देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि केस में नई दिशा मिली है। भूतिया रानी का गुप्त स्वामी में हर कड़ी के अंत में एक नया मोड़ मिलता है जो अगले भाग के लिए उत्सुक बढ़ाता है। मुझे यह पसंद है कि वे बिना फालतू के संवाद के सीधे मूल बात पर आते हैं। यह शैली मुझे बहुत भा रही है।
उस लड़के का अंदाज बहुत आत्मविश्वासी था जब उसने फोटो पकड़ाई थी। ऐसा लग रहा था जैसे उसे सब कुछ पहले से पता हो। भूतिया रानी का गुप्त स्वामी में किरदारों के बीच की तालमेल बहुत स्वाभाविक है। वे एक दूसरे की बात को बिना कहे ही समझ जाते हैं। कार्यालय का परिसर भी बहुत साफ सुथरी है जो एक पेशेवर संस्था को दर्शाती है। मुझे यह देखकर अच्छा लगा कि वे सामूहिक प्रयास पर जोड़ दे रहे हैं।
मैप पर उंगली रखते ही पता चल गया कि लक्ष्य कहां है। यह योजना दृश्य बहुत तनावपूर्ण था और पृष्ठभूमि संगीत भी उसी हिसाब से था। भूतिया रानी का गुप्त स्वामी में साहसिक कार्य से पहले की तैयारी को भी अच्छे से दिखाया गया है। मुझे यह रणनीति बनाना बहुत पसंद आया क्योंकि इसमें दिमाग का इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है। सिर्फ ताकत नहीं बल्कि दिमाग से दुश्मन को हराना ही असली जीत है।
उस महिला का गुस्सा और फिर अचानक मुस्कान देखकर लगता है कि उसे कोई सुराग मिल गया है। उसके भाव बहुत भावुक हैं जो कहानी को आगे बढ़ाते हैं। भूतिया रानी का गुप्त स्वामी में हर किरदार का अपना एक अलग स्वभाव है जो उन्हें खास बनाता है। मुझे यह गतिशीलता बहुत पसंद आया क्योंकि इससे कहानी में जान आ जाती है। ऐसे किरदार दर्शकों के दिलों में जगह बना लेते हैं।
पुस्तकालय वाले कक्ष में शांति थी पर काम का दबाव साफ दिख रहा था। तख्ता में लगी फाइलें बता रही थीं कि यह पुराना केस नहीं है। भूतिया रानी का गुप्त स्वामी की निर्माण गुणवत्ता भी काफी अच्छी है जो हर दृश्य में दिखती है। रोशनी का इस्तेमाल और रंग संयोजन बहुत माहौल के अनुसार है। मुझे यह दृश्य शैली बहुत भा रहा है क्योंकि यह आंखों को चुभता नहीं है।
जब वह लड़का शरीर फैलाता है तो लगता है कि अब असली साहसिक कार्य शुरू होने वाला है। उसकी शारीरिक भाषा से आत्मविश्वास झलक रहा था। भूतिया रानी का गुप्त स्वामी में ऐसे छोटे छोटे दृश्य भी कहानी का हिस्सा बन जाते हैं। मुझे यह पसंद है कि वे किरदारों को इंसानी दिखाते हैं जो थकते भी हैं और उब भी जाते हैं। यह यथार्थवाद कहानी को और भी दिलचस्प बना देता है।
कुल मिलाकर यह श्रृंखला अपनी विधा में बहुत अच्छा काम कर रही है। हर कड़ी में कुछ नया मिलता है जो दर्शकों को बांधे रखता है। भूतिया रानी का गुप्त स्वामी को अगर आपने नहीं देखा है तो जरूर देखें क्योंकि यह समय बर्बाद नहीं होने देगा। मुझे उम्मीद है कि आगे की कड़ी में और भी बड़े खुलासे होंगे। यह सफर अभी बहुत लंबा चलने वाला है और मजा आएगा।