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प्रसव कक्ष से बदला शुरूवां1एपिसोड

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प्रसव कक्ष से बदला शुरू

पति ने प्यार में पत्नी की कंपनी चलाने के लिए अपनी पहचान छुपाई। जब पत्नी के जन्म के समय वह बाहर था, तो उसके 'पुरुष मित्र' ने बच्चे की नाल काटी और पत्नी ने नवजात बेटे को उसी मित्र को 'पिता' कहना सिखाया। फिर पति की जगह और सारे अधिकार भी उस मित्र को देने की कोशिश की गई। अब पति ने बदला लेने की साजिश रची है…
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इस एपिसोड की समीक्षा

ऑफिस का तनावपूर्ण माहौल

ऑफिस में बैठे उस व्यक्ति के चेहरे पर गंभीरता साफ झलक रही थी। उसने पेन उठाया और दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए। घड़ी की टिकटिक और सन्नाटा माहौल को और भी भारी बना रहा था। सेक्रेटरी की आंखों में चिंता साफ दिख रही थी। लगता है कंपनी में कुछ बड़ा बदलाव होने वाला है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू की कहानी में ऐसे बिजनेस डील अक्सर मुसीबत खड़ी करते हैं। हरकतें देखकर लग रहा है कि यह साइन करना आसान नहीं था।

अस्पताल में बेचैन इंतजार

अस्पताल के कॉरिडोर में खड़े लोग बेचैन नजर आ रहे थे। सर्जरी का बोर्ड जल रहा था और सबकी सांसें थमी हुई थीं। चेकर्ड जैकेट वाला युवक फोन से वीडियो बना रहा था, जो थोड़ा अजीब लगा। बुजुर्ग दंपति की चिंता साफ झलक रही थी। यह इंतजार किसी सजा से कम नहीं लग रहा था। प्रसव कक्ष से बदला शुरू के प्लॉट में यह वेटिंग एरिया का सीन बहुत अहम है। सबको खबर होनी बाकी थी।

नन्हे मेहमान का आगमन

जब डॉक्टर बाहर आई तो सबकी नजरें उसी पर टिक गईं। हरे रंग के स्क्रब्स में वह शांत लग रही थीं। काले सूट वाले व्यक्ति ने राहत की सांस ली। लगता है खबर अच्छी है। बेड पर लेटी माँ और नन्हा बच्चा देखकर दिल पिघल गया। यह पल किसी जीत से कम नहीं था। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में परिवार का यह मिलन बहुत भावुक कर देने वाला है। सबकी आंखों में खुशी के आंसू थे।

दोस्त या दुश्मन का सवाल

चेकर्ड जैकेट पहने शख्स का व्यवहार थोड़ा संदिग्ध लगा। वह बार बार फोन निकालकर वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। क्या वह सबूत इकट्ठा कर रहा है या बस यादें संजो रहा है। काले कोट वाले व्यक्ति को यह पसंद नहीं आ रहा था। उनकी आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। दोस्तों के बीच भी कभी कभी दीवारें खड़ी हो जाती हैं। प्रसव कक्ष से बदला शुरू की कहानी में यह दोस्ती का इम्तिहान है। आगे क्या होगा देखना बाकी है।

रसोई में छिपा सुकून

रसोई में खड़े होकर सूप बनाते हुए उस व्यक्ति का चेहरा शांत था। यह वही व्यक्ति है जो ऑफिस में सख्त दिखता था। परिवार के लिए समय निकालना उसे अच्छे से आता है। फोन की घंटी बजी और चेहरा फिर गंभीर हो गया। काम और घर के बीच संतुलन बनाना मुश्किल है। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में यह किरदार बहुत लेयर्ड है। खाना पकाना उसके गुस्से को शांत करता है।

परिवार का साथ और प्यार

बुजुर्ग दंपति को देखकर लगा कि वे दादा दादी बनने वाले हैं। उनकी आंखों में उम्मीद और डर दोनों थे। जब स्लाइडिंग दरवाजा खुला तो वे अंदर जाने को बेताब थे। परिवार का साथ इस मुश्किल वक्त में सबसे बड़ी ताकत है। काले सूट वाले ने उन्हें रास्ता दिया। यह इज्जत का माहौल था। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में रिश्तों की अहमियत को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। सबका चेहरा खिल उठा।

माँ की ममता और खुशी

बेड पर लेटी माँ के चेहरे पर थकान थी पर खुशी ज्यादा थी। उसने नन्हे बच्चे को सीने से लगाया। यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं था। पास खड़े युवक ने धीरे से बच्चे को छूा। माहौल में प्यार था। प्रसव कक्ष से बदला शुरू की कहानी में यह जन्म नई उम्मीदें लेकर आया है। सबकी नजरें उस नन्हे मेहमान पर थीं। यह दृश्य बहुत सुकून देने वाला था।

बिजनेस की कठिन दुनिया

ऑफिस की कुर्सी पर बैठे उस बॉस का रवैया बहुत अलग था। उसने व्हिस्की का ग्लास घुमाया और कागजात देखे। पावर और कंट्रोल का यह गेम खतरनाक लग रहा था। सेक्रेटरी से उसकी बहस नहीं हुई पर चुप्पी भारी थी। प्रसव कक्ष से बदला शुरू में कॉर्पोरेट वर्ल्ड का यह सच कड़वा है। फैसले लेना आसान नहीं होता जब दिल और दिमाग लड़ रहे हों। उसकी आंखों में योजना साफ दिख रही थी।

नीली रोशनी और सन्नाटा

अस्पताल के कमरे में नीली रोशनी थी और सन्नाटा छाया था। बेड के पास खड़े सभी लोग चुप थे। बच्चे की रोने की आवाज ने खामोशी तोड़ी। यह आवाज जीवन का संकेत थी। काले कोट वाले व्यक्ति ने राहत की सांस ली। प्रसव कक्ष से बदला शुरू के क्लाइमेक्स की तरह यह सीन लगा। सबकी सांसें रुक सी गई थीं। यह पल हमेशा याद रहेगा।

कहानी का रोमांचक अंत

पूरी कहानी में इमोशन और एक्शन का अच्छा मिश्रण है। कभी ऑफिस की ठंडक तो कभी अस्पताल की गर्माहट। किरदारों की आंखों में कहानी छिपी है। डायलॉग कम पर एक्सप्रेशन ज्यादा हैं। प्रसव कक्ष से बदला शुरू देखकर लगा कि यह सीरीज लंबी चलेगी। हर एपिसोड में नया ट्विस्ट है। दर्शक को बांधे रखने की कला इसमें है। अंत कैसे होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।