जब वो शानदार कोट पहनकर फोन पर बात कर रहा था, तो लगा कोई बड़ा बिजनेस डील पक्की हो रही है। लेकिन फिर अचानक उसका मूड बदल गया और वो कांच के जार को ऐसे देखने लगा जैसे कोई पुरानी याद ताज़ा हो गई हो। फिर वो फूल लेकर आया और लड़की ने मुस्कुराते हुए उन्हें स्वीकार किया। लेकिन जब वो वापस उसी जार को देखता है और बच्चे की स्पेलिंग टेस्ट पेपर पर ए प्लस ग्रेड देखता है, तो उसकी आँखों में एक अजीब सी नमी आ जाती है। शायद ये सब मेरे अनजान अरबपति पिता की कहानी का हिस्सा है, जहाँ पैसे नहीं, बल्कि यादें और रिश्ते मायने रखते हैं।