इस शॉर्ट फिल्म में जो सबसे डरावना है वो है वो लड़की जो मुस्कुराते हुए दूसरी को पानी में डुबो रही है। मेरे एक्स के गॉडफादर ने मुझे रौंदा जैसी कहानियां अक्सर देखी हैं, पर ये अलग है। यहाँ पावर डायनामिक्स पूरी तरह उल्टा है और यही इसे खास बनाता है।
अंत में जब वो सूट पहने आदमी कार से उतरता है, तो लगता है असली खेल अब शुरू होगा। मेरे एक्स के गॉडफादर ने मुझे रौंदा की कहानी में ये ट्विस्ट बहुत जरूरी था। लगता है अब वो लड़की जो पानी में थी, उसकी किस्मत बदलने वाली है।
तीनों के बीच की केमिस्ट्री देखकर लगता है कि प्यार और नफरत की लकीर कितनी पतली होती है। मेरे एक्स के गॉडफादर ने मुझे रौंदा जैसे सीन में जो इमोशनल टॉर्चर दिखाया गया है, वो रियल लाइफ में भी कई लोगों के साथ होता है।
पुराने गोदाम का सेट और बारिश का माहौल सीन को और भी ड्रामेटिक बना रहा है। मेरे एक्स के गॉडफादर ने मुझे रौंदा वाले पार्ट में जो विजुअल्स हैं, वो सिनेमेटोग्राफी के लिहाज से बहुत लेवल के हैं। हर फ्रेम एक पेंटिंग जैसा लग रहा है।
शुरुआत में लगता था कि ये सिर्फ एक झगड़ा है, पर जब पता चला कि पीछे कोई बड़ा हाथ है, तो कहानी में वजन आ गया। मेरे एक्स के गॉडफादर ने मुझे रौंदा जैसी लाइन सुनकर समझ आया कि ये सिर्फ दोस्तों की लड़ाई नहीं, बल्कि एक बड़ी साजिश है।