ली योंग की आँखों में वो दर्द देखकर रूह कांप गई जब उसने सुई चुभाई। ज़ांग जियानगुओ का रोना और बिस्तर पर पड़ी वू शियुकिन की हालत दिल दहला देने वाली थी। वैद्य की मुक्ति शीर्षक इस कहानी में बिल्कुल सही बैठता है, जहाँ इलाज के नाम पर मौत करीब आती दिखी। नेटशॉर्ट पर ऐसे भावनात्मक दृश्य देखना एक अलग ही अनुभव है जो सीधे दिल पर वार करता है।