इस दृश्य में जुलियन का घुटनों पर बैठना बहुत भावुक था। महिला की आंखों में आंसू देखकर लगता है कि पिछले समय में कोई राज छिपा है। डॉल्फिन की मूर्ति क्यों लाया वह? आधी रात का कॉलर की कहानी में यह मोड़ बहुत गहरा है। पुराने जमाने का फोन और मोमबत्तियों की रोशनी ने माहौल को और भी रहस्यमयी बना दिया है। हर पल में तनाव साफ झलक रहा था। दर्शक भी हैरान हैं।
उसकी बैंगनी पोशाक बहुत खूबसूरत थी, लेकिन चेहरे पर उदासी साफ दिख रही थी। जब जुलियन ने हाथ चूमा, तो लगा जैसे वह माफ़ी मांग रहा हो। यह शो आधी रात का कॉलर दिल को छू लेता है। कमरे की सजावट और पुराना फोन कहानी को एक अलग ही अंदाज देते हैं। सीन की रोशनी बहुत ही शानदार तरीके से की गई थी। संगीत भी बहुत मधुर था।
उस काले बक्से में सफेद डॉल्फिन की मूर्ति क्यों थी? यह किसी संकेत से कम नहीं लग रहा। महिला के रोने से लगता है कि यह उपहार नहीं बल्कि कोई चेतावनी है। जुलियन की आंखों में भी कुछ छिपा है। आधी रात का कॉलर में ऐसे सीन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। रहस्य धीरे धीरे खुल रहा है। कहानी बहुत रोचक है।
शब्दों की जरूरत नहीं थी, बस आंखों की बात काफी थी। जब वह आईने में खुद को देख रही थी, तो आंसू टपक रहे थे। जुलियन का इंतजार और फिर वह मुलाकात, सब कुछ बहुत नाटकीय था। इस शो आधी रात का कॉलर का हर एपिसोड नया सवाल खड़ा करता है। संगीत और सन्नाटा बहुत गहरा असर छोड़ता है। एक्टिंग बहुत नेचुरल लगी।
बाहर बारिश और अंदर मोमबत्तियों की रोशनी, माहौल बहुत डरावना था। जुलियन ने कोट ठीक किया और फिर वह सामने आई। उनकी केमिस्ट्री बहुत गजब की है। आधी रात का कॉलर में ऐसे सीन बार-बार देखने को मन करता है। कपड़ों की डिटेल्स भी बहुत शानदार हैं। काले कोट और बैंगनी गाउन का कॉम्बिनेशन जच रहा था। सेट डिजाइन बहुत प्रशंसनीय है।
क्या यह प्रेम प्रस्ताव है या कोई सजा? जुलियन का घुटनों पर बैठना बहुत फिल्मी था। महिला की हिचकिचाहट साफ दिख रही थी। शायद वह उसे विश्वास नहीं कर पा रही। आधी रात का कॉलर की कहानी में उलझनें बढ़ती जा रही हैं। हर फ्रेम एक पेंटिंग जैसा लग रहा था। निर्देशन बहुत ही बारीक है। कलाकारों ने जान डाल दी।
शुरू में फोन की घंटी ने तनाव पैदा कर दिया। दोनों अलग-अलग कमरे में थे लेकिन बातें गहरी थीं। जुलियन की आवाज़ में ठंडक थी। आधी रात का कॉलर में ऐसे सस्पेंस बहुत अच्छे लगते हैं। फिर वह बक्सा और डॉल्फिन, सब कुछ जुड़ा हुआ लग रहा है। कहानी में गहराई बहुत अच्छी है। प्लॉट बहुत मजबूत है।
आईने में देखते हुए उसका रोना दिल दहला देने वाला था। शायद उसे अपनी किस्मत का अहसास हो रहा था। जुलियन का व्यवहार बहुत रहस्यमयी है। आधी रात का कॉलर में किरदारों की गहराई बहुत अच्छी दिखाई गई है। बैंगनी रंग का चुनाब भी बहुत सही था। मेकअप भी बहुत ही नेचुरल लगा। लाइटिंग बहुत सॉफ्ट थी।
जब उसने उसका हाथ थामा, तो लगा समय थम गया हो। लेकिन चेहरे के भाव बता रहे थे कि सब ठीक नहीं है। जुलियन की मुस्कान में भी कुछ छिपा था। आधी रात का कॉलर के फैंस इस जोड़ी को लेकर बहुत उत्सुक हैं। माहौल बहुत गोथिक और खूबसूरत था। हर एक्टिंग बहुत ही दमदार लगी। डायलॉग बहुत भारी थे।
यह सीन खत्म हुआ लेकिन सवाल वैसे के वैसे हैं। डॉल्फिन का क्या मतलब था? क्यों रो रही थी वह? जुलियन का इरादा क्या है? आधी रात का कॉलर में हर मोड़ पर नया रहस्य मिलता है। ऐसे ड्रामा देखने का मजा ही अलग है। बहुत ही शानदार प्रस्तुति। अगला एपिसोड कब आएगा। इंतजार नहीं हो रहा।
इस एपिसोड की समीक्षा
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