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Adhi Raat Ka Caller

Mere husband ko estate chhode hue teesra mahina tha, maine koi lover nahi banaya. Main ek gandi phone call ki aadat mein padh gayi jo har raat aadhi raat ko aati thi. Ruko — jis aadmi ki woh depraved voice thi — kya woh mera apna stepson tha?
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इस एपिसोड की समीक्षा

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शाही गलियारे में मिलन

उस लंबे और शाही गलियारे में जब वो दोनों मिले, तो हवा में कुछ अलग ही बिजली कौंध गई थी। नीली पोशाक वाली खूबसूरत लड़की और काले लिबास वाला शख्स एक दूसरे को ऐसे देख रहे थे जैसे सालों बाद मिले हों। अधी रात का कॉलर लड़ी का ये दृश्य दिल को छू गया। झूमर की रोशनी में उनकी आंखों का खेल देखते ही बनता था। ऐसा लगा जैसे वक्त वहीं थम गया हो। नेटशॉर्ट ऐप पर ये पल देखना किसी सपने से कम नहीं था। हर पल में एक अलग कहानी छिपी है जो दर्शकों को बांधे रखती है।

दरवाजे का राज

जब उसने दरवाजे का पीतल का मुट्ठी घुमाया, तो लगा कोई बड़ा राज खुलने वाला है। काले लिबास वाला शख्स धीरे से आगे बढ़ा और उस सुंदर महिला के सामने रुक गया। अधी रात का कॉलर की कहानी में ये मुलाकात बहुत अहम लग रही है। उनकी नजरों में जो खामोशी थी, वो हजारों शब्दों से भारी थी। पुराने जमाने का ठाठ और आज का नाटक मिलकर कुछ खास बना रहे हैं। मुझे ये किरदार बहुत गहरे लग रहे हैं। बस यही उम्मीद है कि आगे क्या होता है।

बैंगनी पोशाक का जादू

बैंगनी रंग की पोशाक में वो कितनी खूबसूरत और रहस्यमयी लग रही थी। जब उस शख्स ने उसका हाथ थामा, तो पर्दे पर जैसे करंट दौड़ गया। अधी रात का कॉलर में रोमांस का ये अंदाज बहुत पुराना और क्लासिक है। दीवारों पर लगी चित्र और मोमबत्तियों की रोशनी ने माहौल को और भी गहरा कर दिया। ऐसा लग रहा था जैसे वो दोनों किसी गुनाह की सजा भुगत रहे हों या फिर किसी इश्क की शुरुआत। हर पल में एक तनाव बना हुआ था जो बड़ा मजा दे रहा था।

खामोश अभिनय

उस शख्स की आंखों में एक अजीब सी बेचैनी और दर्द साफ दिख रहा था। वो बार बार उस खूबसूरत चेहरे को देख रहा था जैसे उसे यकीन न हो रहा हो। अधी रात का कॉलर के इस कड़ी में अभिनय बहुत लाजवाब था। बिना कुछ बोले ही उन्होंने अपनी कहानी कह दी। महल जैसे घर की मंच सजावट भी कमाल की थी। हर कोने से इतिहास झांक रहा था। दर्शक के तौर पर मैं इस कदर खो गया था कि सांस लेना भी भूल गया था। बस देखते ही रह गया।

विपरीत आकर्षण

जब वो दोनों आमने सामने आए, तो लगा जैसे दो ध्रुव टकरा रहे हों। उसकी पोशाक की चमक और उसके काले लिबास का रंग एक दूसरे के विपरीत थे। अधी रात का कॉलर में ये विपरीत आकर्षण बहुत अच्छे से दिखाया गया है। हाथ पकड़ने का वो पल जब वो रुके, वो सबसे खास था। लग रहा था जैसे वो एक दूसरे को गिरने नहीं देंगे। नेटशॉर्ट पर ऐसे दृश्य देखने का मजा ही अलग है। कलाकारों की जोड़ी ने आग लगा दी।

झूमर की रोशनी

क्रिस्टल झूमर से टपकती रोशनी में उनका चेहरा और भी निखर रहा था। उस शख्स ने जब अपना लिबास पकड़ा, तो लगा वो जाने वाला है, पर वो रुक गया। अधी रात का कॉलर की ये अनिश्चितता दर्शकों को पागल कर देती है। वो महिला भी चुपचाप खड़ी रही, न आगे बढ़ी न पीछे हटी। बस एक खामोश जुगालनी चल रही थी दोनों के बीच। माहौल में जो गंभीरता थी वो बड़े पर्दे वाली फिल्मों को भी शर्मिंदा कर दे। सच में बहुत खूबसूरत पल था।

परी जैसी सुंदरता

उसकी सुनहरी जुल्फें और वो मासूम सी शक्ल किसी परी से कम नहीं लग रही थी। सामने खड़ा वह शख्स भी किसी राजकुमार से कम नहीं था। अधी रात का कॉलर में किरदारों की चुनाव बहुत सोची समझी लगती है। जब उन्होंने एक दूसरे की आंखों में देखा, तो लगा समय थम गया हो। ऐसे दृश्य बार बार देखने को जी चाहता है। नेटशॉर्ट ऐप की दिखावट भी बहुत मखमली है जिससे देखने में मजा आता है। हर बारीकियों पर ध्यान दिया गया है।

सन्नाटे की गूंज

गलियारे की लंबाई और दीवारों की नक्काशी ने इस दृश्य को शाही अंदाज दिया। जब वो शख्स चलकर उसके पास आया, तो कदमों की आवाज भी सन्नाटे में गूंज रही थी। अधी रात का कॉलर में ध्वनि प्रभाव भी बहुत दमदार है। उस महिला की सांसें तेज होती हुई महसूस की जा सकती थीं। बिना संवाद के ही इतना कुछ कह देना आसान नहीं है। दोनों कलाकारों ने कमाल कर दिया। मैं तो बस यही चाहती हूं कि ये दृश्य कभी खत्म न हो।

वादे की पकड़

उसने जब उसकी कलाई पकड़ी, तो लगा जैसे कोई वादा हो रहा हो। उस शख्स की पकड़ में एक मजबूती थी जो सुरक्षा का अहसास दिला रही थी। अधी रात का कॉलर में रिश्तों की ये गहराई बहुत प्रभावशाली है। बैंगनी रंग की पोशाक में वो और भी रहस्यमयी लग रही थी। पीछे की खिड़की से आती रोशनी ने दृश्य को और भी नाटकीय बना दिया। हर पल एक चित्र जैसा लग रहा था। ऐसे कहानी के लिए मैं नेटशॉर्ट की तारीफ किए बिना नहीं रह सकती।

अंत की धुंधलक

आखिरी पल में जब दृश्य उसकी आंखों पर पास गया, तो सब कुछ धुंधला सा हो गया। उस शख्स का चेहरा भी भावनाओं से भरा हुआ था। अधी रात का कॉलर का ये अंत बहुत दमदार था। ऐसा लगा जैसे कोई बड़ा राज खुलने वाला हो। लाल और सुनहरी रोशनी का मिश्रण बहुत अद्भुत था। दर्शक के तौर पर मैं हैरान रह गई। ऐसे मोड़ कहानी में बहुत जरूरी होते हैं। बस यही दुआ है कि आगे की कहानी और भी रोमांचक हो।