फीबस की चाल में एक अलग ही तेज है, जब वह सड़क पर चल रहा था तो सबकी नज़रें उसी पर थीं। अपोलो की इंसानी दुल्हन में यह दृश्य बहुत शानदार था। जब उसने हारे को पकड़ा, तो लगा जैसे किस्मत खुल गई हो। उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी जो किसी साधारण इंसान की नहीं हो सकती। राजा का गुस्सा साफ़ दिख रहा था, पर फीबस नहीं डरा। यह कहानी आगे क्या मोड़ लेगी, यह देखना दिलचस्प होगा। सब लोग हैरान थे।
नीली पोशाक वाली राजकुमारी की हिम्मत को सलाम है, उसने बिना डरे हारा फेंका। अपोलो की इंसानी दुल्हन का यह पल सबसे रोमांचक था। भीड़ में से सिर्फ फीबस ही उसे पकड़ पाया, यह संयोग नहीं लगता। सफेद पोशाक वाली रानी का चेहरा देखकर लग रहा था कि वह कुछ साजिश रच रही है। महल की बालकनी से नीचे का नज़ारा बहुत भव्य था। इन पात्रों के बीच का तनाव साफ़ महसूस किया जा सकता है।
राजा का गुस्सा देखकर लग रहा था कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। उसने जब बात की तो सब चुप हो गए। अपोलो की इंसानी दुल्हन में राजा का किरदार बहुत प्रभावशाली है। पर जब हारा नीचे गिरा, तो उसका चेहरा बदल गया। शायद उसे लगा कि नियंत्रण हाथ से निकल रहा है। सफेद पोशाक वाली महिला भी चुपचाप सब देख रही थी। यह राजनीति और प्यार की कहानी लग रही है।
एनिमेशन की क्वालिटी बहुत ही शानदार है, प्राचीन ग्रीस का शहर बहुत सुंदर बनाया गया है। अपोलो की इंसानी दुल्हन में हर दृश्य में बारीकी है। सूरज की रोशनी और कपड़ों की बनावट असली लगती है। जब फीबस ने छलांग लगाई, तो एक्शन बहुत स्मूथ था। संगीत और दृश्यों का मेल बहुत अच्छा था। दर्शक को लगता है कि वह उसी शहर में खड़ा है। यह दृश्य अनुभव बहुत यादगार है।
फीबस और नीली पोशाक वाली राजकुमारी की नज़रें जब मिलीं, तो समय रुक सा गया। अपोलो की इंसानी दुल्हन में यह रोमांस बहुत प्यारा लगा। उन दोनों के बीच एक अदृश्य कड़ी लग रही है। सफेद पोशाक वाली रानी को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। उसकी आंखों में जलन साफ़ दिख रही थी। क्या यह प्यार जीत पाएगा या राजा की सत्ता? यह सवाल हर दर्शक के मन में है।
फीबस के साथ चलने वाले उस गरीब दोस्त का चेहरा देखने लायक था। वह हमेशा चिंतित रहता है, शायद उसे खतरा महसूस होता है। अपोलो की इंसानी दुल्हन में यह किरदार कहानी को जमीन से जोड़ता है। जब भीड़ हारे के लिए दौड़ी, तो वह पीछे रह गया। पर फीबस का साथ नहीं छोड़ा। दोस्ती और वफादारी का यह पहलू बहुत अच्छा लगा। ऐसे दोस्त हर किसी को चाहिए होते हैं।
हारा फेंकने की रस्म बहुत पुरानी और दिलचस्प लग रही थी। सब लोग उसे पकड़ने के लिए बेताब थे। अपोलो की इंसानी दुल्हन में यह प्रतियोगिता सबसे रोमांचक हिस्सा था। जब हारा हवा में था, तो सबकी सांसें रुक गईं। फीबस की फुर्ती देखकर सब हैरान रह गए। यह सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि किसी बड़ी जिम्मेदारी का संकेत लग रहा था। आगे की कहानी इसी हारे के इर्द-गिर्द घूम सकती है।
सफेद पोशाक वाली रानी का व्यवहार बहुत रहस्यमयी है। वह सब कुछ जानती हुई भी चुप है। अपोलो की इंसानी दुल्हन में उसका किरदार सबसे जटिल लगता है। जब नीली पोशाक वाली राजकुमारी ने हारा फेंका, तो उसने कुछ नहीं कहा। पर उसकी आंखें सब बता रही थीं। शायद वह अपनी योजना बना रही है। राजा और रानी के बीच भी कुछ ठीक नहीं लग रहा है। यह नाटक आगे और बढ़ेगा।
भीड़ का हुजूम देखकर लग रहा था कि पूरा शहर वहीं इकट्ठा हो गया है। सबकी नज़रें बालकनी पर थीं। अपोलो की इंसानी दुल्हन में भीड़ का दृश्य बहुत भव्य था। जब हारा गिरा, तो सब दौड़ पड़े। यह दिखाता है कि लोग इस घटना को लेकर कितने उत्साहित थे। शहर की सड़कें और इमारतें बहुत विस्तार से बनाई गई हैं। इस माहौल ने कहानी को और भी रोचक बना दिया है।
अंत में जब फीबस ने हारा पहना, तो सब तालियां बजाने लगे। पर राजा का चेहरा गुस्से से लाल था। अपोलो की इंसानी दुल्हन का यह क्लाइमेक्स बहुत तनावपूर्ण था। नीली पोशाक वाली राजकुमारी भी हैरान लग रही थी। क्या यह जीत है या किसी मुसीबत की शुरुआत? कहानी यहीं खत्म नहीं होती, आगे और भी कुछ होने वाला है। दर्शक अगले भाग का बेसब्री से इंतजार करेंगे।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम