शुरू में ही युवती के हाथों में खून देखकर दिल दहल गया। ऐसा लगा जैसे किसी बड़े त्याग की कहानी हो। जब युवक दौड़ता हुआ आया तो उनकी आंखों में चिंता साफ दिख रही थी। अपोलो की इंसानी दुल्हन की यह शुरुआत बहुत रहस्यमयी है। आग और काला पत्थर देखकर लगता है कि कोई जादुई शक्ति बीच में आने वाली है। नेटशॉर्ट पर ऐसे एपिसोड देखना बहुत रोमांचक लगता है।
युवक और युवती के बीच का कनेक्शन बहुत गहरा लग रहा है। वह उसके घावों को देखकर टूट सा गया था। लेकिन फिर उस बूढ़ी महिला की एंट्री ने सब बदल दिया। अपोलो की इंसानी दुल्हन में ऐसा लगता है कि कोई पुरानी दुश्मनी सामने आ गई है। युवक का झाड़ियों में छिपना बताता है कि वह कुछ गुप्त योजना बना रहा है। कहानी में अब तक का सबसे बड़ा मोड़ यही है।
सफेद बालों वाली उस महिला की आंखों में एक अजीब सी चमक थी। उसने जब युवती को देखा तो लगा कि वह सब जानती है। उसकी लाठी और पोशाक से लगता है वह कोई देवी या शक्तिशाली जादूगरनी है। अपोलो की इंसानी दुल्हन के इस पार्ट में डर और सस्पेंस दोनों हैं। आग के बीच खड़ी होकर बात करना साधारण नहीं है। मुझे अगला एपिसोड देखने की जल्दी है।
वीडियो की क्वालिटी देखकर हैरान रह गया। सूरज ढलने का नज़ारा और पत्थरों की बनावट बहुत असली लग रही थी। जब आग जली तो ऐसा लगा मैं वहीं खड़ा हूं। अपोलो की इंसानी दुल्हन की विजुअल स्टोरीटेलिंग बहुत मजबूत है। बिना डायलॉग के ही इतनी बातें कह दी गईं। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे हाई क्वालिटी शो मिलना आजकल मुश्किल है। हर फ्रेम एक पेंटिंग जैसा लग रहा था।
युवक का झाड़ियों के पीछे छिपना और गुस्से में मुट्ठी भींचना बताता है कि वह चुपचाप नहीं बैठेगा। शायद वह उस बूढ़ी महिला से बदला लेना चाहता है। युवती की हालत देखकर उसे बहुत गुस्सा आ रहा था। अपोलो की इंसानी दुल्हन में अब एक्शन होने वाला है। कहानी में जो धीमी शुरुआत थी वह अब तेज रफ्तार पकड़ रही है। मुझे लगता है अगले सीन में बड़ा धमाका होगा।
युवती के हाथों के घाव साधारण चोट नहीं लग रहे थे। यह किसी श्राप या बलिदान की निशानी हो सकती है। जब युवक ने उसे छूने की कोशिश की तो वह पीछे हट गई। अपोलो की इंसानी दुल्हन में यह दर्द सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि भावनात्मक भी है। दोनों के बीच की दूरियां बढ़ती जा रही हैं। यह कहानी प्रेम और बलिदान के इर्द गिर्द घूम रही है।
उस काले पत्थर के вокруг आग लगना कोई संयोग नहीं है। यह किसी प्राचीन अनुष्ठान का हिस्सा लग रहा था। बूढ़ी महिला वहीं खड़ी थी जैसे वह इसकी रक्षक हो। अपोलो की इंसानी दुल्हन की कहानी में पौराणिक तत्व बहुत गहराई से जुड़े हैं। मुझे यह जानने की उत्सुकता है कि उस पत्थर पर क्या लिखा था। शायद वही इस सब की कुंजी है।
युवती उस पत्थर के पास बैठकर किसका इंतज़ार कर रही थी? शायद उस युवक का या फिर उस बूढ़ी महिला का। जब दोनों आमने सामने आए तो माहौल में तनाव था। अपोलो की इंसानी दुल्हन में हर किरदार के अपने राज़ हैं। नेटशॉर्ट पर यह सीरीज देखकर मैं हैरान हूं कि इतनी कम समय में इतनी गहरी कहानी बताई गई। अब आगे क्या होगा यह देखना बाकी है।
युवक की आंखों में जब वह युवती को देख रहा था तो वहां बेचैनी थी। वह उसे बचाना चाहता था लेकिन कुछ मजबूरी थी। बूढ़ी महिला के आने के बाद सब चुप हो गए। अपोलो की इंसानी दुल्हन में डायलॉग से ज्यादा एक्सप्रेशन बोल रहे हैं। यह कलाकारों की तारीफ है कि उन्होंने बिना बोले सब कह दिया। मुझे ऐसे शो देखना बहुत पसंद है।
अंत में जब युवती उठकर खड़ी हुई तो उसकी आंखों में डर नहीं बल्कि दृढ़ता थी। शायद उसने कोई फैसला कर लिया है। बूढ़ी महिला भी उसे घूर रही थी। अपोलो की इंसानी दुल्हन का यह क्लिफहैंगर बहुत तगड़ा था। अब अगले एपिसोड में युद्ध होने वाला है या कोई बड़ा सच सामने आएगा। मैं तो बस अगला पार्ट देखने के लिए बेताब हूं।
इस एपिसोड की समीक्षा
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