जो पार्टी हंसी-मजाक के लिए शुरू हुई थी, अब वह अदालत जैसी लग रही थी। सब एक-दूसरे को शक की निगाह से देख रहे थे। गुडबाय, मेरी टेम्प्टिंग वाइफ-४ ने दिखाया कि कैसे एक पल में सब कुछ बदल सकता है। अब तो बस यही देखना है कि आखिर में कौन जीतता है।
वह लड़की जो पीछे खड़ी सब देख रही थी, उसके चेहरे पर डर और हैरानी दोनों साफ दिख रहे थे। वह न तो कुछ बोल रही थी न ही हिल रही थी। गुडबाय, मेरी टेम्प्टिंग वाइफ-४ में उसका साइलेंट रिएक्शन सबसे ज्यादा असरदार था। कभी-कभी चुप्पी सबसे बड़ा शोर होती है।
जिस आदमी को थप्पड़ मिला, उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया था। वह कुछ बोलना चाहता था पर शब्द गले में अटक रहे थे। गुडबाय, मेरी टेम्प्टिंग वाइफ-४ में एक्टर्स के एक्सप्रेशन इतने सटीक हैं कि बिना डायलॉग के सब समझ आ जाता है। उसकी बेबसी देखकर तरस आ रहा था।
हरा टेबल क्लॉथ और सुनहरी सजावट के बीच यह लड़ाई और भी अजीब लग रही थी। खाने की प्लेटें वैसे ही रखी थीं, पर किसी का ध्यान उन पर नहीं था। गुडबाय, मेरी टेम्प्टिंग वाइफ-४ के सेट डिजाइन ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है। हर चीज जगह पर थी बस इंसानों के रिश्ते बिखर रहे थे।
पीली साड़ी वाली लड़की का गुस्सा देखकर लगता है जैसे आग लग गई हो। जब उसने उस आदमी को थप्पड़ मारा तो पूरा हॉल सन्न रह गया। गुडबाय, मेरी टेम्प्टिंग वाइफ-४ में ऐसे ड्रामेटिक मोड़ देखकर दिल की धड़कन तेज हो जाती है। हर किसी के चेहरे पर हैरानी साफ झलक रही थी।