जब सिलस ग्रे ने दरबार में एंट्री मारी, तो माहौल में एक अलग ही तनाव आ गया। उसकी चाल और बात करने का अंदाज़ बता रहा था कि वह कोई साधारण व्यक्ति नहीं है। जानिटर की शक्तिशाली मुट्ठी में यह सीन देखकर लगता है कि अब कहानी में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। बूढ़े गुरु का चेहरा देखकर साफ पता चल रहा था कि उन्हें इस नए खिलाड़ी से खतरा महसूस हो रहा है।
शुरुआत में जो लड़की मैदान में उतरी, उसने अपने विरोधी को पलक झपकते ही हरा दिया। उसकी मुद्रा और आँखों में जो आत्मविश्वास था, वह किसी अनुभवी योद्धा जैसा लग रहा था। जानिटर की शक्तिशाली मुट्ठी के इस एपिसोड में एक्शन सीक्वेंस बहुत ही शानदार थे। विशेष रूप से जब उसने अपने विरोधी को जमीन पर पटक दिया, तो दर्शकों की सीटियां बज उठीं।
वह आदमी जो हमेशा कुर्सी पर बैठा रहता है और हाथ में कुछ पकड़े हुए है, उसका किरदार बहुत ही रहस्यमयी लग रहा है। वह न तो ज्यादा बोलता है और न ही ज्यादा हिलता-डुलता है, लेकिन उसकी मौजूदगी से ही डर का माहौल बन जाता है। जानिटर की शक्तिशाली मुट्ठी में ऐसे किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। लगता है वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है।
बूढ़े गुरु और उनके शिष्यों के बीच का रिश्ता बहुत ही जटिल लग रहा है। एक तरफ गुरु का सम्मान है, तो दूसरी तरफ शिष्यों के चेहरे पर छिपी हुई नफरत साफ दिख रही है। जानिटर की शक्तिशाली मुट्ठी में यह डायनामिक बहुत ही दिलचस्प है। जब सिलस ग्रे आया, तो शिष्यों के चेहरे पर जो बदलाव आया, वह बता रहा था कि वे गुरु से खुश नहीं हैं।
सिलस ग्रे जब हंसता है, तो उसकी हंसी में एक अजीब सा खतरा छिपा होता है। वह जानबूझकर दूसरों को चिढ़ाता है और उनकी प्रतिक्रिया देखकर मजा लेता है। जानिटर की शक्तिशाली मुट्ठी में उसका यह व्यवहार बता रहा है कि वह बहुत ही चालाक और खतरनाक व्यक्ति है। उसकी आँखों में जो चमक है, वह किसी बुरे इरादे की ओर इशारा कर रही है।