शुरुआत में जब वह मंच पर ट्रॉफी लेकर खड़ी हुई तो उसकी खुशी साफ झलक रही थी। लेकिन असली खेल तो तब शुरू हुआ जब उसकी नज़रें उस शख्स से मिलीं। माफिया डॉन की स्वीट क्योर की कहानी में यह पल बहुत अहम लगता है। लगता है कि यह जीत सिर्फ एक बहाना था उनके मिलने का। बैकग्राउंड में शहर की रोशनी और उनका कनेक्शन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का मज़ा ही अलग था। आगे क्या होगा यह जानने के लिए मैं बेताब हूं।
डिनर का सीन बहुत ही रोमांटिक था। शैंपेन का गिलास और मोमबत्तियों की रोशनी में उन दोनों के बीच की केमिस्ट्री लाजवाब थी। उसने जब उसका हाथ थामा तो लगा जैसे समय थम गया हो। माफिया डॉन की स्वीट क्योर में ऐसे सीन्स दिल को छू लेते हैं। लेकिन फिर अचानक उस बूढ़े आदमी की एंट्री ने सब कुछ बदल दिया। क्या वह उनके प्यार के बीच में दीवार बनने वाला है? यह सवाल दिमाग में घूम रहा है।
किस सीन की तीव्रता देखकर मैं हैरान रह गया। दोनों के बीच का आकर्षण इतना साफ था कि स्क्रीन से बाहर आ रहा हो। उसने जब उसका चेहरा छूआ तो लगा कि अब वे कभी अलग नहीं होंगे। माफिया डॉन की स्वीट क्योर के इस हिस्से में भावनाएं चरम पर थीं। काश यह पल हमेशा के लिए रुक जाता। लेकिन कहानी में उतार चढ़ाव तो होने ही वाले हैं। अगले भाग का इंतज़ार मुश्किल हो रहा है।
लिफ्ट से निकलकर जब वह सज्जन आए तो उनके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी। उनकी टक्सीडो और अंदाज से साफ लग रहा था कि वे कोई साधारण इंसान नहीं हैं। माफिया डॉन की स्वीट क्योर में यह किरदार बहुत रहस्यमयी लग रहा है। उसने जब वह लिफाफा दिया तो लड़की के चेहरे के भाव बदल गए। क्या इस कागज में उनकी किस्मत छिपी है? यह सस्पेंस बहुत बढ़िया बनाया गया है।
उस लिफाफे को देखकर लड़की की आंखों में जो डर और हैरानी थी वह बहुत असली लग रही थी। शायद उसमें कोई ऐसा राज था जिसकी उसे उम्मीद नहीं थी। माफिया डॉन की स्वीट क्योर की कहानी अब एक नया मोड़ ले रही है। क्या वह शख्स जो उसे प्यार करता है उसे बचा पाएगा? या फिर यह पुराना आदमी सब कुछ नियंत्रण कर रहा है? हर सीन में नई पहेली सामने आ रही है जो दर्शकों को बांधे रखती है।
कपड़ों का चयन और सेटिंग बहुत ही शानदार थी। सफेद गाउन में वह किसी परी से कम नहीं लग रही थी। वहीं काले सूट में वह शख्स बहुत ही सुंदर लग रहा था। माफिया डॉन की स्वीट क्योर की दृश्य गुणवत्ता बहुत हाई लेवल की है। शहर के रात के नज़ारे के सामने उनका रोमांस देखना एक अलग ही अनुभव था। ऐसे निर्माण मूल्य वाले शोज़ कम ही देखने को मिलते हैं।
जब वे एक दूसरे को देख रहे थे तो बिना कुछ बोले ही बहुत कुछ कह रहे थे। आंखों की भाषा इतनी तेज थी कि शब्दों की जरूरत ही नहीं पड़ी। माफिया डॉन की स्वीट क्योर में ऐसे छिपे हुए अर्थ का इस्तेमाल बहुत अच्छा लगा। फिर जब वे करीब आए तो लगा कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। लेकिन कहानी में मोड़ आना तय है। दर्शक के रूप में यह अनिश्चितता बहुत रोमांचक लगती है।
उस शख्स के चश्मे और उसकी गंभीर मुद्रा ने उसे एक अलग ही पहचान दी है। वह सिर्फ एक प्रेमी नहीं बल्कि कोई ताकतवर इंसान लग रहा है। माफिया डॉन की स्वीट क्योर में किरदारों की गहराई बहुत अच्छे से दिखाई गई है। जब वह शराब गिलास में डाल रहा था तो उसकी हरकतों में एक अलग ही नशा था। ऐसे किरदार दर्शकों को हमेशा आकर्षित करते हैं और कहानी को आगे बढ़ाते हैं।
मंच पर भीड़ और तालियों की आवाज़ के बीच उसका अकेले खड़ा होना बहुत प्रभावशाली था। फिर निजी रात के खाने पर आकर माहौल बिल्कुल बदल गया। माफिया डॉन की स्वीट क्योर में दृश्य बदलाव बहुत सरल हैं। सार्वजनिक जीवन और निजी जीवन के बीच का अंतर बहुत अच्छे से दिखाया गया है। यह कहानी सिर्फ प्यार की नहीं बल्कि ताकत की भी लग रही है।
अंत में जब वह लिफाफा थमाया गया तो कहानी एक बड़ी रुकावट पर रुक गई। अब दर्शकों के मन में हजारों सवाल हैं। माफिया डॉन की स्वीट क्योर का यह भाग बहुत ही दमदार था। क्या वह लड़की उस चुनौती को स्वीकार करेगी या पीछे हट जाएगी? यह जानने के लिए हमें अगला हिस्सा देखना ही पड़ेगा। नेटशॉर्ट ऐप पर यह सफर बहुत रोमांचक रहा। ऐसे शोज़ रात की नींद उड़ा देते हैं।
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