शुरुआत में ही एप्रॉइंटमेंट लेटर देखकर तनाव हो गया। हीरोइन की आंखों में उदासी साफ दिख रही थी। हीरो ने जब उसे गले लगाया तो लगा सब ठीक हो जाएगा। लेकिन माफिया डॉन की स्वीट क्योर की कहानी में ऐसा होता कहां है। रात का वो पल बहुत प्यार भरा था, पर सुबह का सच कड़वा था।
पेरिस की खिड़की से ईफेल टॉवर का नज़ारा और बीच में ये प्रेम कहानी। हीरो की आंखों में देखभाल साफ झलक रही थी जब वो उसके पास बैठा। माफिया डॉन की स्वीट क्योर का ये दृश्य दिल को छू गया। पर वो फोन कॉल सब कुछ बदल गई। क्या वो सच में जरूरी था या कोई बहाना?
सुबह उठी हीरोइन को जब वो कार्ड और नोट मिला तो चेहरे के भाव देखने लायक थे। अमेरिकन एक्सप्रेस का कार्ड देकर वो भाग गया। माफिया डॉन की स्वीट क्योर में पैसा सब कुछ नहीं खरीद सकता, ये बात इस दृश्य ने अच्छे से समझा दी। उसकी खामोशी चीख रही थी।
रात के तीन बजे का प्राइवेट कॉल और फिर चुपके से निकल जाना। हीरो के चेहरे पर मजबूरी साफ दिख रही थी। माफिया डॉन की स्वीट क्योर की ये ट्विस्ट बहुत अप्रत्याशित थी। वो उसे बिना बताए क्यों गया? क्या वो माफिया है इसलिए ऐसा करना पड़ा? सस्पेंस बना हुआ है।
बेडरूम का माहौल और दोनों के बीच की रसायनशास्त्र लाजवाब थी। हीरो ने जब उसे गोद में उठाया तो लगा जैसे कोई परी कथा हो। लेकिन माफिया डॉन की स्वीट क्योर में परी कथाएं अधूरी ही रहती हैं। सुबह की धूप में वो अकेली थी। बहुत दर्द भरा दृश्य था।
हीरोइन का अभिनय बहुत स्वाभाविक लगा। बिना संवाद के ही उसने अपना दर्द बता दिया। माफिया डॉन की स्वीट क्योर की ये खूबी है कि वो दृश्यों से कहानी कहता है। नोट पढ़ते वक्त उसकी आंखों में आंसू नहीं थे पर गहरा सन्नाटा था। ये चुभ गया। बहुत असरदार था।
वो सिल्क के पजामे में हीरो बहुत सुंदर लग रहा था। बाथरूम से निकलते ही उसने संभाला हीरोइन को। माफिया डॉन की स्वीट क्योर का ये रोमांटिक अंदाज पसंद आया। पर अंत में वो कार्ड और नोट देखकर लगा जैसे किसी ने ठंडा पानी डाल दिया हो।
कहानी में ये उतार चढ़ाव बहुत तेज है। कभी इतना प्यार और कभी इतनी दूरी। माफिया डॉन की स्वीट क्योर देखते वक्त लगा जैसे खुद उस कमरे में मौजूद हूं। वो नोट जिसमें लिखा था संभल कर रहना, वो बहुत क्रूर लगा। दिल टूट गया देखकर। कोई विदाई भी नहीं।
रात का वो चुंबन दृश्य बहुत तीव्र था। हीरो ने जैसे आखिरी बार छू रहा हो। माफिया डॉन की स्वीट क्योर में शायद उसे पता था वो वापस नहीं आएगा। इसलिए वो पल इतना खास था। सुबह का सन्नाटा उस शोर को काट गया।
अंत में हीरोइन का चेहरा देखकर लगा कहानी अभी शुरू हुई है। वो कार्ड सिर्फ पैसा नहीं, एक सवाल था। माफिया डॉन की स्वीट क्योर का ये क्लिफहैंगर बहुत मजबूत था। अब वो क्या करेगी? क्या वो उसके पीछे जाएगी? इंतज़ार नहीं हो रहा।
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