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Slap Queen Ka Gussa

City A ki sabse khunkhar aur iron-fisted matriarch Regina teen saal pehle apni beti Lily ki bimaari ka cure banane ke liye videsh gayi thi. Par jab wo dawa lekar wapas lauti, toh uska parivaar tabah ho chuka tha. Wo kasam khati hai ki wo apna takht wapas legi, grand banquet mein jayegi, aur har ek dushman ko mitti mein mila degi!
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इस एपिसोड की समीक्षा

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थप्पड़ की गूंज

इस दृश्य में तनाव इतना बढ़ गया कि सांस रुक सी गई। धारीदार कोट वाले शख्स की हिम्मत देखकर हैरानी हुई। उसने सोचा था सब कुछ उसके इशारे पर होगा लेकिन उसे क्या पता था कि स्लैप क्वीन का गुस्सा किसी को नहीं बख्शेगा। जब काले कोट वाले ने थप्पड़ मारा तो सन्नाटा छा गया। यह सिर्फ एक थप्पड़ नहीं था बल्कि एक चेतावनी थी। सभी मेहमान सन्न रह गए। महिला की खामोशी सबसे ज्यादा डरावनी थी। उसकी आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। सुरक्षाकर्मी तुरंत आ गए। जमीन पर गिरा हुआ लड़का रो रहा था। यह सीन दिल दहला देने वाला था। हर किसी के चेहरे पर सवाल थे। क्या यह अंत है या शुरुआत। देखने वाले की धड़कनें तेज हो गईं।

खामोश ताकत

सफेद कोट वाली महिला की खामोशी में जो ताकत थी वह शोर से ज्यादा डरावनी थी। उसने बिना कुछ कहे सब कुछ संभाल लिया। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी जो गुस्से को दिखा रही थी। जब उसने इशारा किया तो सब कुछ बदल गया। लगता है वह इस खेल की असली मालकिन है। उसकी पर्सनालिटी इतनी प्रभावशाली है कि कोई उससे बहस नहीं कर सकता। गहने और कपड़े उसकी हैसियत बता रहे थे। उसने बिना हाथ उठाए सबको सबक सिखा दिया। यह पावर मूव था। दर्शक भी हैरान रह गए। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कंटेंट देखना मजेदार है। स्लैप क्वीन का गुस्सा देखकर रोंगटे खड़े हो गए। काश हम भी ऐसे बन पाएं।

बेचारा लड़का

जमीन पर गिरा हुआ लड़का बेचारा कुछ कर नहीं पाया। उसकी हालत देखकर तरस आ रहा था। सुरक्षा वालों ने उसे पकड़ लिया और वह चीखता रहा। उसने सोचा था वह बच जाएगा लेकिन उसे गलतफहमी थी। उसकी सफेद पोशाक अब गंदी हो गई थी। वह बार बार मदद के लिए देख रहा था लेकिन कोई आगे नहीं आया। यह उसकी गलती का नतीजा था। उसकी आंखों में डर साफ दिख रहा था। जब उसे घसीटा गया तो सब चुप थे। यह दृश्य बहुत दर्दनाक था। कहानी में ऐसा ट्विस्ट किसी ने नहीं सोचा था। स्लैप क्वीन का गुस्सा सब पर भारी पड़ा। अब आगे क्या होगा यह देखना बाकी है।

काले चश्मे वाले

काले चश्मे वाले सुरक्षाकर्मी बहुत खतरनाक लग रहे थे। वे बिना किसी भाव के अपना काम कर रहे थे। जब उन्होंने उस लड़के को पकड़ा तो उसकी चीखें सुनाई दीं। उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि कोई छूट नहीं सकता था। वे दीवार की तरह खड़े थे। किसी में इतनी हिम्मत नहीं थी कि उनसे टकरा सके। उनकी वर्दी और उनका अंदाज सबको डरा रहा था। यह दिखाता है कि यहां कानून किसका चलता है। ताकत का प्रयोग साफ दिख रहा था। स्लैप क्वीन का गुस्सा उनके जरिए निकला। यह सीन एक्शन से भरपूर था। देखने वाले को रोमांच महसूस हुआ। बहुत ही बेहतरीन एक्टिंग थी।

मेहमानों की हालत

पीछे खड़े मेहमानों के चेहरे पर हैरानी साफ दिख रही थी। किसी ने मुंह पर हाथ रखा तो कोई स्तब्ध खड़ा रहा। सबको यकीन नहीं हो रहा था कि यह सब सच हो रहा है। एक शादी जैसी जगह पर ऐसा हंगामा किसी ने नहीं सोचा था। सबकी सांसें थम सी गई थीं। कोई आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं कर रहा था। सब बस तमाशबीन बने रहे। यह सामाजिक दबाव को दिखाता है। जब बड़े लोग लड़ते हैं तो छोटे चुप रहते हैं। स्लैप क्वीन का गुस्सा सब पर छा गया। माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया था। यह दृश्य यादगार बन गया। हर कोई इसकी चर्चा करेगा।

दो दुश्मन

दो लोगों के बीच की दुश्मनी साफ झलक रही थी। एक ने थप्पड़ मारा तो दूसरा चुप रहा। यह चुप्पी शोर से ज्यादा भारी थी। दोनों की आंखों में नफरत थी। ऐसा लग रहा था कि यह पुरानी दुश्मनी है। एक की पावर दूसरे पर भारी पड़ गई। धारीदार कोट वाले को अपनी गलती का अहसास हुआ। उसने अपना चेहरा पकड़ लिया। दर्द सिर्फ शारीरिक नहीं था बल्कि इज्जत का भी था। यह जंग अभी खत्म नहीं हुई है। स्लैप क्वीन का गुस्सा बीच में आ गया। अब बदला कैसे होगा यह देखना है। कहानी बहुत रोचक मोड़ ले रही है।

खूबसूरत जगह

बाहर का नजारा बहुत खूबसूरत था लेकिन अंदर का माहौल खराब था। हरे भरे बाग में यह नाटक हो रहा था। पीछे बड़ा घर दिखाई दे रहा था। यह अमीरों की दुनिया लग रही थी। सब कुछ महंगा और शानदार था। लेकिन इंसानियत वहां नहीं थी। पैसे की ताकत सब पर हावी थी। फूलों के बीच यह लड़ाई अजीब लग रही थी। स्लैप क्वीन का गुस्सा सब कुछ बिगाड़ रहा था। यह विरोधाभास बहुत गहरा था। कैमरा एंगल भी बहुत अच्छे थे। हर जगह की बारीकी दिखाई गई। दर्शक को महसूस हुआ कि वह वहीं है।

बिना बोले बात

चेहरे के हाव भाव सब कुछ बता रहे थे। बिना डायलॉग के भी बात समझ आ गई। आंखों की भाषा बहुत तेज थी। गुस्सा और नफरत साफ दिख रहा था। जब वह चिल्लाया तो आवाज में दर्द था। दूसरे की आवाज में ठंडक थी। यह संवाद बहुत प्रभावशाली था। हर शब्द वजनदार था। स्लैप क्वीन का गुस्सा शब्दों में नहीं था। यह एक्टिंग बहुत नेचुरल थी। लगे हाथ नहीं कि यह नाटक है। सब कुछ असली लग रहा था। दर्शक कनेक्ट हो गए। यह कला की जीत थी। ऐसे सीन बार बार देखने को मिलते हैं।

ताकत का खेल

ताकत का खेल यहां साफ दिख रहा था। जो ऊपर है वही सब कुछ तय करता है। नीचे वाले को बस झुकना पड़ता है। यह कड़वा सच है। महिला सबसे ऊपर थी। सब उसका हुक्म मान रहे थे। मर्द भी उसके आगे कमजोर थे। यह औरत की ताकत को दिखाता है। स्लैप क्वीन का गुस्सा सबको नियंत्रित कर रहा था। यह समाज का आईना है। जो ताकतवर है वही सही है। यह सोच बदलनी चाहिए। लेकिन कहानी में यही चल रहा है। देखने वाले को गुस्सा भी आता है। यह सोचने पर मजबूर करता है।

पूरा पैकेज

पूरी कहानी में एक अलग ही जादू था। हर सीन में कुछ नया था। बोरियत का नाम नहीं था। एक्शन और इमोशन दोनों थे। स्लैप क्वीन का गुस्सा कहानी की जान था। यह ड्रामा देखने लायक था। हर किरदार ने अपनी भूमिका निभाई। कहानी आगे बढ़ती गई। क्लाइमेक्स बहुत धमाकेदार था। दर्शक बंधे रहे। यह मनोरंजन का पूरा पैकेज था। नेटशॉर्ट ऐप पर यह बेस्ट है। सबको देखना चाहिए। यह वक्त बर्बाद नहीं होने देगा। बहुत ही शानदार प्रोडक्शन था।