इस दृश्य में गुलाबी पोशाक पहनी लड़की की आंखों में जो नफरत है, वह देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बेचारी घायल लड़की जमीन पर तड़प रही है और यह ऊपर से वार करने को तैयार है। स्लैप क्वीन का गुस्सा में ऐसा किरदार पहले नहीं देखा। डॉक्टर की मदद भी बेकार लग रही है क्योंकि ये लड़की किसी की नहीं सुन रही। असली विलेन यही लगती है जो सुंदर दिखकर भी खतरनाक है।
सफेद कोट वाला डॉक्टर बेचारा कुछ भी नहीं कर पा रहा है। मरीज को बचाने की कोशिश में उसे खुद हमला झेलना पड़ रहा है। स्लैप क्वीन का गुस्सा की कहानी में मेडिकल एथिक्स को ताक पर रख दिया गया है। जब युवक ने डॉक्टर का गला पकड़ा, तब लगा कि अब तो हद हो गई। अस्पताल के बाहर ऐसा हंगामा किसी ने नहीं सोचा था। सब लोग बस तमाशबीन बने हुए हैं जो बहुत दुख की बात है।
सुनहरा हेयरपिन सिर्फ सजावट नहीं बल्कि हथियार बन गया है। जब गुलाबी वाली लड़की ने इसे निकाला, तो समझ गया कि अब खून खराबा होगा। स्लैप क्वीन का गुस्सा में प्रॉप्स का इस्तेमाल बहुत क्रिएटिव है। घायल लड़की की हालत देखकर दिल दहल गया। क्या यह हेयरपिन किसी की जान ले लेगा? यह सवाल हर किसी के मन में है। ऐसे हथियार से वार करना बहुत ही क्रूरतापूर्ण लग रहा है।
काली कार में बैठे ब्लॉन्ड महिला की आंखें फटी की फटी रह गईं। उसने जो देखा वह यकीनन उसे पसंद नहीं आया। स्लैप क्वीन का गुस्सा में यह किरदार अहम भूमिका निभा सकता है। शायद वह इन सबकी मालकिन है या कोई बड़ी ताकत। उसके चेहरे का भाव बता रहा है कि अब खेल बदलने वाला है। बस एक झलक में इतना डर और गुस्सा कम ही देखने को मिलता है। वह चुपचाप सब देख रही है।
सफेद पोलो शर्ट वाले लड़के ने डॉक्टर पर हमला क्यों किया? क्या उसे लगता है कि डॉक्टर ने धोखा दिया है? स्लैप क्वीन का गुस्सा में रिश्तों की यह उलझन देखने लायक है। गुलाबी वाली लड़की के साथ खड़ा होकर उसने अपनी वफादारी दिखा दी। लेकिन क्या यह सही है? अस्पताल के बाहर ऐसा व्यवहार बिल्कुल नहीं शोभा देता। हिंसा से कुछ नहीं सुलझेगा।
काले सूट वाले बुजुर्ग आदमी बस देख रहे हैं, कुछ बोल नहीं रहे। शायद उन्हें सब पता है या वह ऊपर से ऑर्डर का इंतजार कर रहे हैं। स्लैप क्वीन का गुस्सा में पावर डायनामिक्स बहुत गजब के हैं। जब सब चिल्ला रहे हैं, तब इनकी शांति सबसे डरावनी लग रही है। क्या यह इनका ही प्लान है? हर सीन में नया संदेह पैदा होता है। इनकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है।
जमीन पर पड़ी लड़की के मुंह से खून बह रहा है, यह देखना बहुत दर्दनाक है। स्लैप क्वीन का गुस्सा में इमोशनल सीन्स की कमी नहीं है। उसकी आंखों में मदद की गुहार साफ दिख रही थी। लेकिन कोई उसकी बात नहीं सुन रहा। ऐसे में दर्शक भी बेचारे हो जाते हैं। काश कोई उसे बचा पाता। यह सीन दिल पर भारी पड़ गया। बहुत ही दर्दनाक माहौल बना दिया है निर्देशक ने।
अस्पताल के बाहर यह कोई इलाज नहीं बल्कि जंग लग रही है। स्लैप क्वीन का गुस्सा ने लोकेशन का सही इस्तेमाल किया है। जहां शांति होनी चाहिए, वहां शोर और हिंसा है। गुलाबी वाली लड़की की हिम्मत देखकर हैरानी हुई। सबके सामने ऐसा करने से उसे डर नहीं लग रहा। शायद उसे अपनी ताकत पर बहुत घमंड है। कानून की कोई परवाह नहीं है।
यह सीन अधूरा लग रहा है, जैसे कुछ बड़ा होने वाला हो। स्लैप क्वीन का गुस्सा का क्लिफहेंजर बहुत तगड़ा है। क्या कार वाली महिला बाहर आएगी? क्या घायल लड़की बच पाएगी? हर सवाल का जवाब चाहिए। एक्टिंग इतनी रियल है कि लगा मैं वहीं खड़ा हूं। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीरीज देखना सुकून देता है। बस जल्दी अगला पार्ट आए। इंतजार नहीं हो रहा।
गुलाबी पोशाक वाली लड़की को अपनी खूबसूरती पर बहुत नाज है। स्लैप क्वीन का गुस्सा में उसे विलेन के रूप में पेश किया गया है। उसकी स्माइल में भी जहर है। जब वह घायल लड़की के ऊपर झुकी, तो लगा अब तो खत्म हो गया। ऐसे किरदार नफरत के लायक हैं लेकिन एक्टिंग की दाद देनी पड़ती है। बहुत ही शानदार प्रदर्शन है इस लड़की का। देखकर गुस्सा आ रहा है।
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