जब योद्धा ने जेल में उस महिला को देखा तो उसकी आंखों में दर्द साफ दिख रहा था। हरे रंग के गहने पहनी वह महिला किसी जादूई शक्ति का स्रोत लग रही थी। बंजर भूमि की रानी में ऐसे दृश्य देखकर दिल दहल जाता है। योद्धा की मुट्ठी भींचने का तरीका बता रहा था कि वह कुछ बड़ा करने वाला है। क्या वह उसे बचा पाएगा या सब कुछ बर्बाद हो जाएगा? यह सस्पेंस बना हुआ है। दर्शक के रूप में हम बस देख सकते हैं।
सिर मुंडा हुआ राजा या पुरोहित बहुत खतरनाक लग रहा था। उसने अपने हाथ से खून बहाकर भीड़ को उकसाया। बंजर भूमि की रानी की कहानी में यह विलेन सबसे ज्यादा डरावना है। उसकी पोशाक में सोने का काम बता रहा है कि वह कितना अमीर और ताकतवर है। योद्धा के सामने उसका घमंड देखकर गुस्सा आता है। अंत में उसने योद्धा को छूकर गिरा दिया, यह जादू था या कोई और शक्ति? यह सवाल मन में उठ रहा है।
योद्धा और उस सिर मुंडे व्यक्ति के बीच की दुश्मनी साफ झलक रही थी। सिंहासन वाले कमरे में जब वे आमने सामने आए तो माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया। बंजर भूमि की रानी में ऐसे ड्रामा देखना बहुत रोमांचक है। उस व्यक्ति ने योद्धा के चेहरे को छूकर उसे बेहोश कर दिया। यह दिखाता है कि ताकत सिर्फ हथियारों में नहीं होती। कहानी आगे क्या मोड़ लेगी यह देखना बाकी है। कहानी बहुत गहरी लग रही है।
इस शो के सेट डिजाइन बहुत ही शानदार हैं। प्राचीन मिस्र जैसे स्तंभ और सुनहरा सिंहासन देखकर आंखें चौंधिया जाती हैं। बंजर भूमि की रानी की प्रोडक्शन क्वालिटी बहुत ऊंची है। जब योद्धा दौड़ता हुआ अंदर आया तो कैमरा एंगल बहुत जबरदस्त था। कपड़ों की डिजाइन भी किरदारों की पहचान बता रही थी। ऐसे विजुअल्स बार बार देखने को मन करता है। हर फ्रेम एक पेंटिंग जैसा लग रहा था। बहुत ही शानदार अनुभव है।
योद्धा की आंखों में जब वह आंसू और गुस्सा देख रहा था तो दिल पर चोट लगी। उस महिला को बचाने की उसकी चाहत साफ दिख रही थी। बंजर भूमि की रानी में इमोशनल दृश्य बहुत गहराई से दिखाए गए हैं। जब वह जमीन पर गिरा तो लगा कि सब खत्म हो गया। ऐसे दृश्य दर्शकों को बांध कर रखते हैं। अभिनेता ने अपनी आंखों से बहुत कुछ कह दिया। यह कहानी दिल को छू लेती है। रोना आ जाता है ऐसे सीन देखकर।
लगा था कि योद्धा जीत जाएगा लेकिन अंत में वह हार गया। सिर मुंडे वाले व्यक्ति की शक्तियों का अंदाजा नहीं था। बंजर भूमि की रानी में ऐसे ट्विस्ट बार बार देखने को मिलते हैं। भीड़ का शोर और फिर अचानक सन्नाटा बहुत असरदार था। यह कहानी बताती है कि ताकतवर के सामने छोटे लोग कुछ नहीं कर सकते। अब योद्धा क्या करेगा यह सबसे बड़ा सवाल है। कहानी बहुत रोचक मोड़ ले रही है। अगला एपिसोड कब आएगा।
उस महिला के गहने और उस व्यक्ति की अंगूठी में कोई जादू था। जब उसने योद्धा को छूआ तो वह गिर गया। बंजर भूमि की रानी में जादू का इस्तेमाल बहुत क्रिएटिव तरीके से हुआ है। खून का अनुष्ठान भी कुछ अलग था। ऐसा लग रहा था कि कोई पुरानी शक्ति जाग गई है। ये सब देखकर रोमांच होता है। क्या यह जादू अच्छा है या बुरा यह अभी साफ नहीं है। रहस्य बना हुआ है।
भले ही डायलॉग कम थे लेकिन एक्शन सब कुछ बता रहे थे। योद्धा और राजा के बीच की नोकझोंक देखने लायक थी। बंजर भूमि की रानी के एक्टर्स ने बिना बोले बहुत कुछ कह दिया। चेहरे के हाव भाव बहुत साफ थे। जब राजा ने योद्धा के गाल को छूआ तो वह डर और सम्मान का मिश्रण था। ऐसे अभिनय को सलाम करना पड़ता है। हर एक्सप्रेशन मायने रखता था। बहुत बारीकी से काम किया है।
जेल का दृश्य अंधेरे में था और सिंहासन वाला कमरा रोशनी से जगमगा रहा था। बंजर भूमि की रानी में लाइटिंग का इस्तेमाल मूड बनाने के लिए किया गया है। जब योद्धा बाहर निकला तो बादल छाए हुए थे। यह माहौल बता रहा था कि कुछ बुरा होने वाला है। ऐसे वातावरण में कहानी और भी रोचक लगती है। हर दृश्य का अपना एक अलग रंग था। माहौल बहुत गहरा था।
भाग खत्म हुआ तो योद्धा जमीन पर गिरा हुआ था। यह अधूरा अंत बहुत तंग करने वाला था। बंजर भूमि की रानी का अगला पार्ट कब आएगा इसका इंतजार नहीं हो रहा। सिर मुंडा वाला व्यक्ति जीत गया लग रहा था। दर्शक के रूप में यह बर्दाश्त नहीं होता। कहानी को आगे बढ़ाने की जरूरत है। यह अधूरापन दर्शकों को पागल कर देता है। जल्दी अगला भाग चाहिए। सब्र नहीं हो रहा है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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