जब वो क्वीन हरी आग से घिरी घोड़ी पर सवार होकर आई, तो सारे दृश्य की धूमिल हो गई। उसकी आँखों में गुस्सा और दर्द दोनों साफ दिख रहे थे। विलेन को लगा वो जीत गया, लेकिन उसे नहीं पता था कि असली खेल तो अब शुरू हुआ है। वेस्टलैंड की क्वीन में ऐसे एंट्री सीन्स देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। काश वो कैदी बच जाता, पर बदला लेने का जज़्बा देखकर लगता है कि अब कोई नहीं बचेगा।
उस गंजे विलेन की हंसी अब भी कानों में गूंज रही है, जब उसने उस बेचारे को चाकू मारा। पर अंत में जब क्वीन ने बंदूक तानी, तो उसकी सारी ताकत मिट्टी में मिल गई। खून से सने कपड़े और चीखते हुए चेहरे ने दृश्य को बहुत इंटेंस बना दिया। वेस्टलैंड की क्वीन की ये क्लाइमेक्स फाइट किसी ब्लॉकबस्टर से कम नहीं लगती। बदले की आग में सब जल गया।
जब उसने अपने प्यारे को मरा हुआ देखा, तो उसकी चीख दिल को चीर गई। सिर्फ एक्शन नहीं, इमोशन भी इस शो की जान है। उसने ना सिर्फ दुश्मनों को मारा बल्कि अपने दर्द को भी हथियार बना लिया। नेटशॉर्ट पर ऐसे दृश्य देखकर आंसू रोकना मुश्किल हो जाता है। वेस्टलैंड की क्वीन ने साबित कर दिया कि ताकत सिर्फ मांसपेशियों में नहीं, इरादों में होती है।
ग्रीन फ्लेम्स और वो बख्तरबंद घोड़ी, वीएफएक्स का कमाल देखने को मिला। रात का माहौल और मशालों की रोशनी ने दृश्य को और भी ड्रामेटिक बना दिया। जब गोली स्लो मोशन में निकली, तो समय थम सा गया था। वेस्टलैंड की क्वीन की प्रोडक्शन वैल्यू इतनी हाई है कि बड़े पर्दे का अहसास होता है। हर फ्रेम एक पेंटिंग जैसा लग रहा था।
उसने जब बंदूक उठाई, तो सबको समझ आ गया कि असली हुकूमत किसकी है। वो ना सिर्फ खूबसूरत है बल्कि खतरनाक भी है। विलेन के पास चाकू था, पर उसके पास तकनीक और गुस्सा दोनों था। अंत में उसने बिना पलक झपकाए बदला ले लिया। वेस्टलैंड की क्वीन में ऐसा किरदार देखकर गर्व होता है। अब वो अकेली ही एक फौज है।
लगा था कि नाइट उसे बचा लेगा, पर एक गोली ने सब खत्म कर दिया। कहानी में ऐसे ट्विस्ट ही दर्शकों को बांधे रखते हैं। विलेन की मौत के बाद जो खामोशी छा गई, वो सबसे भारी थी। नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीरीज देखना मेरी आदत बन गई है। वेस्टलैंड की क्वीन का हर एपिसोड नया सस्पेंस लेकर आता है। कौन जानता था अंत ऐसा होगा।
क्वीन का गोल्डन आर्मर और ताज बहुत ही शानदार लग रहा था। हर डिटेल पर मेहनत साफ दिख रही थी। विलेन के कपड़ों पर भी सुनहरी कढ़ाई थी जो उसकी अमीरी दिखाती थी। जब वो घोड़ी से उतरी, तो लग रहा था कोई देवी उतरी हो। वेस्टलैंड की क्वीन के कॉस्ट्यूम डिजाइनर को सलाम करना चाहिए। ये विजुअल ट्रीट है।
चाकू से लेकर बंदूक तक, हर हथियार का इस्तेमाल सही जगह हुआ। जब वो नाइट की तरफ दौड़ा, तो लगा शायद वो बच जाए, पर गोली सीधी माथे पर लगी। खून के छींटे और गिरते हुए शरीर ने एक्शन को रियलिस्टिक बना दिया। वेस्टलैंड की क्वीन में एक्शन सीन्स की कोरियोग्राफी बहुत तगड़ी है। दिल की धड़कन तेज हो जाती है।
उसने जब अपने प्यारे के खून से सने चेहरे को देखा, तो उसकी आँखों में सिर्फ मौत दिखाई दी। विलेन को लगा वो भाग सकता है, पर मौत उसके पीछे थी। अंत में जब वो जमीन पर तड़प रहा था, तो सुकून मिला। वेस्टलैंड की क्वीन ने बदले की कहानी को नए अंदाज में पेश किया है। ये सिर्फ जीत नहीं, इंसानियत की हार भी है।
पूरा वीडियो देखते वक्त सांस रुक सी गई थी। इतना ड्रामा, इतना एक्शन और इतना दर्द एक साथ कम ही देखने को मिलता है। क्वीन का किरदार बहुत मजबूत लिखा गया है। नेटशॉर्ट पर वक्त बर्बाद नहीं होता जब कंटेंट ऐसा हो। वेस्टलैंड की क्वीन देखकर लगता है कि असली मनोरंजन यहीं है। अगले एपिसोड का बेसब्री से इंतजार है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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