इस शो में तलवारें और बंदूकें दोनों का मिलना बहुत अजीब लेकिन रोमांचक लगता है। जब नाइट कवच पहनकर गाड़ी चला रहा था तो मैं हैरान रह गया। वास्टलैंड की क्वीन ने ऐसे दृश्यों से दर्शकों को बांधे रखा है। रेगिस्तान की पृष्ठभूमि और सुनहरा गुंबद देखकर लगता है कि बजट काफी हाई रहा होगा। हर फ्रेम में एक नया सरप्राइज है जो आपको सीट से हिलने नहीं देता। एक्शन सीन्स की कोरियोग्राफी भी कमाल की है और संगीत भी सही जगह पर बजता है।
उस गंजे विलेन की एंट्री देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जब वह सीढ़ियों पर खड़ा होकर हंसा था, तो लगा कि अब असली लड़ाई शुरू होगी। वास्टलैंड की क्वीन में विलेन का किरदार बहुत शक्तिशाली दिखाया गया है। उसके कपड़ों पर सुनहरा काम और चेहरे का भाव बता रहा था कि वह किसी से नहीं डरता। ऐसे खलनायक हमें कम ही देखने को मिलते हैं जो इतना खौफनाक लगें। उसकी आवाज में भी एक अलग तरह का गंभीरता था।
सफेद पोशाक में वह नायिका जब बंदूक पकड़ती है तो नजारा देखता ही बनता है। उसके गहने और हथियार का कॉम्बिनेशन बहुत यूनिक है। वास्टलैंड की क्वीन में महिला किरदारों को कमजोर नहीं दिखाया गया है। वह नाइट के बराबर खड़ी होकर लड़ने के लिए तैयार है। उसकी आंखों में जो आग थी, वह किसी भी योद्धा को शर्मिंदा कर दे। सच में बहुत खूबसूरत और खतरनाक लग रही थी। उसका कॉन्फिडेंस देखने लायक था।
जब पूरी सेना एक साथ कदमताल करती है तो जमीन हिलने लगती है। इतने सारे सैनिक और विचित्र वाहन देखकर लगता है कि युद्ध बहुत भयंकर होगा। वास्टलैंड की क्वीन के निर्माताओं ने भीड़ वाले सीन्स पर बहुत मेहनत की है। धूल उड़ती है और सूरज की रोशनी में सब कुछ सुनहरा लग रहा था। ऐसे विशाल दृश्य बड़ी स्क्रीन पर देखने का मन करता है। कंप्यूटर ग्राफिक्स का इस्तेमाल भी बहुत बारीकी से किया गया है।
दोनों सेनाओं के बीच जब दूरी कम होने लगी तो सांस रुक सी गई थी। नायक की चीख और विलेन की शांति के बीच का अंतर बहुत अच्छा था। वास्टलैंड की क्वीन में हर पल सस्पेंस बना रहता है। कोई नहीं जानता कि पहली गोली कौन चलाएगा। यह इंतजार दर्शकों को बांधे रखता है। डायलॉग बाजी से ज्यादा एक्शन की तैयारी दिख रही थी जो बहुत पसंद आया। माहौल में तनाव साफ झलक रहा था।
पूरा शो रेगिस्तान में सेट है लेकिन गर्मी सिर्फ मौसम की नहीं, लड़ाई की भी है। जब विस्फोट होते हैं तो रेत हवा में उड़ती है। वास्टलैंड की क्वीन के विजुअल्स इतने साफ हैं कि आपको गर्मी महसूस होगी। पुराने किले और नई तकनीक का मिलना एक नई दुनिया बनाता है। मुझे यह सेटिंग बहुत पसंद आई क्योंकि यह आम शहरों से अलग है। रंगों का इस्तेमाल भी धूसर और सुनहरा है।
जब सैनिकों ने बड़े ढाल निकाले और पीछे से बंदूकें तानीं, तो रणनीति बहुत समझदारी वाली लगी। वास्टलैंड की क्वीन में लड़ाई के तरीके पुराने और नए जमाने का मिश्रण हैं। यह देखना दिलचस्प है कि वे कैसे सुरक्षा करते हुए आगे बढ़ते हैं। हर सैनिक की वर्दी और हथियार अलग डिजाइन के हैं। डिटेलिंग पर बहुत ध्यान दिया गया है जो कहानी को असली बनाता है। यह युद्ध का नया रूप है।
नायक जब चिल्लाया तो लगा कि वह अपनी पूरी ताकत झोंक देगा। उसके कवच पर नक्काशी बहुत बारीक है जो उसकी औकात बताती है। वास्टलैंड की क्वीन में हीरो का गुस्सा जायज लगता है। वह सिर्फ लड़ने नहीं, बल्कि कुछ हासिल करने आया है। उसके चेहरे के भाव बता रहे थे कि वह पीछे नहीं हटेगा। ऐसे जुनूनी किरदार दर्शकों को पसंद आते हैं। उसकी आवाज में दम था।
मैंने यह शो नेटशॉर्ट ऐप पर देखा और क्वालिटी बहुत अच्छी लगी। वास्टलैंड की क्वीन जैसे शो मोबाइल पर देखने में भी सिनेमा जैसा लगते हैं। स्टोरी तेज रफ्तार से आगे बढ़ती है और बोरियत नहीं होती। हर एपिसोड के बाद अगला देखने का मन करता है। अगर आप एडवेंचर पसंद करते हैं तो यह आपके लिए बेस्ट है। मुझे व्यक्तिगत रूप से यह बहुत भाया। इंटरफेस भी यूजर फ्रेंडली है।
जब वह बड़ा दरवाजा खुला और अंदर अंधेरा था, तो लगा कि कोई बड़ा राज खुलने वाला है। वास्टलैंड की क्वीन के क्लाइमेक्स की तरफ इशारे मिल रहे हैं। विलेन अंदर चला गया और नायक बाहर खड़ा रह गया। यह अगले सीन के लिए तैयारी है। मुझे यह नहीं पता कि आगे क्या होगा लेकिन मैं जानना चाहता हूं। यह अनिश्चितता ही इस शो की खूबसूरती है। अंत बहुत रोमांचक होने वाला है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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