ब्लॉन्ड प्रेजेंटर का आत्मविश्वास देखकर हैरानी होती है, लेकिन असली ड्रामा तो ऑडियंस के चेहरों पर है। नीली ड्रेस वाली महिला की नाराजगी और पीछे बैठे लोगों की बोरियत साफ झलक रही है। लगता है प्रेजेंटेशन उतना अच्छा नहीं जा रहा जितना वो सोच रही थीं। आ गया मिस्टर राइट जैसे सीन में जब वो टेबल पर झुकती है, तो टेंशन अपने पीक पर पहुँच जाती है। यह ऑफिस पॉलिटिक्स का एकदम सच्चा चित्रण है जहाँ हर कोई अपनी चाल चल रहा है।