इस दृश्य में शब्दों की ज़रूरत ही नहीं पड़ती। बूढ़ी महिला की आँखों में छिपा दर्द और युवक के चेहरे पर उभरा तनाव सब कुछ कह जाता है। जैसे ही फ़ोन की घंटी बजती है, माहौल में एक अजीब सी बेचैनी फैल जाती है। छह साल बाद: मजदूर से प्रेम, देवी का विवाह प्रस्ताव की कहानी यहीं से नया मोड़ लेती प्रतीत होती है। हर किरदार की चुप्पी में एक बड़ा राज़ दबा है जो दर्शक को बांधे रखता है।