गाड़ी में दो महिलाओं के बीच की खामोशी इतनी भारी थी कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था। फिर बोर्डरूम में जब सब खड़े हुए, तो लगा जैसे कोई युद्ध शुरू हो गया हो। बूढ़ी महिला की आंखों में गुस्सा और नौजवान लड़के की हैरानी देखकर रोंगटे खड़े हो गए। छह साल बाद: मजदूर से प्रेम, देवी का विवाह प्रस्ताव जैसी कहानियां तो आम हैं, पर ये पावर गेम कुछ और ही लेवल का है। हर चेहरे पर एक राज छिपा है और माहौल में तनाव इतना कि स्क्रीन के बाहर भी महसूस हो रहा था। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामा देखना सच में एक अलग ही अनुभव है।