महान झोउ के सम्राट रुद्रसिंह ने हूणों को हराकर सारे राज्य जीत लिए। उसे 'तारा खान' कहा गया। पर सत्ता के मोह में उसने अपनी रानी खो दी, फिर सब छोड़कर पुत्र संग सरयू नगर में रहने लगा। एक दिन वफ़ा राज्य की महारानी चंद्रावती, जिसका पीछा दुश्मन कर रहे थे, उसकी झोपड़ी में आ निकली। अनजाने में दोनों के बीच एक रात का संबंध बन गया। रुद्रसिंह का शांत जीवन हमेशा के लिए बदल गया।
जब महारानी बनी सौतेली माँ में राजकुमार और महारानी के बीच का तनाव बहुत ही दिलचस्प है। राजकुमार की बेचैनी और महारानी का गुस्सा देखकर लगता है कि कुछ बड़ा होने वाला है। दृश्य बहुत ही सुंदर है और अभिनय भी शानदार है।