जब महारानी बनी सौतेली माँ के इस दृश्य में तनाव और भावनाओं का ऐसा मिश्रण है कि दर्शक भी सांस रोके देखता रह जाता है। पुरुष चरित्र की आंखों में डर और महिला के चेहरे पर गुस्सा – दोनों के बीच की दूरी बढ़ती जा रही है। लाल स्तंभ और पुरानी खिड़कियां माहौल को और भी गहरा बना देती हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखना सच में अलग अनुभव है।