जब महारानी बनी सौतेली माँ में राजकुमार दुर्गेश का प्रवेश देखकर रोंगटे खड़े हो गए! उसकी चाल में इतना अहंकार है कि लगता है पूरा राज्य उसकी मुट्ठी में है। लाल पोशाक वाले युवक की चापलूसी और महारानी की गंभीर मुद्रा ने तनाव बढ़ा दिया। जब दुर्गेश ने हाथ उठाकर आदेश दिया, तो लगा अब कुछ बड़ा होने वाला है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह दृश्य देखते समय लगा जैसे मैं भी उस दरबार में खड़ी हूँ। हर संवाद में छिपा है राजनीति का खेल!