गाड़ी से उतरते ही उस लड़की की अदाएं कमाल की थीं। सफेद कोट और आँखों में गुस्सा, लगता है अब खेल बदलने वाला है। टूटे रिश्ते और दूरी में ऐसे ट्विस्ट ही तो चाहिए होते हैं। वह समय पर पहुंची या देर हो गई, यह देखना बाकी है। उसकी चाल में एक अलग ही तेज था।
बीच में खड़ी वह औरत, शायद माँ, सब कुछ देख रही थी लेकिन चुप थी। उसकी आँखों में डर था या फिर मंजूरी? टूटे रिश्ते और दूरी के इस सीन में उसकी खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। जब बेटे को मारा जा रहा था, तो वह बस देखती रही, यह सबसे दर्दनाक हिस्सा था।
उस बड़ी मशीन को देखकर ही डर लग रहा था। जब उसे चालू किया गया और लोहे की छड़ काटी गई, तो समझ गया कि अब खतरा सच है। टूटे रिश्ते और दूरी में ऐसे प्रॉप्स का इस्तेमाल कहानी को और भी डरावना बना देता है। उस शख्स का चेहरा देखकर लग रहा था कि वह सच में पागल हो गया है।
जब वह लड़का दर्द से चीख रहा था, तो दिल पसीज गया। उसकी आँखों में आंसू और चेहरे पर खून देखकर बुरा हाल हो गया। टूटे रिश्ते और दूरी में ऐसे इमोशनल सीन्स दर्शकों को बांधे रखते हैं। वह बेचारा कुछ कर नहीं पा रहा था, बस दर्द सह रहा था। यह सीन बहुत ही हृदयविदारक था।
पहले उसने कलम से धमकाया, फिर मशीन का इस्तेमाल किया। बैंगनी सूट वाले शख्स के पास हर तरह के हथियार थे। टूटे रिश्ते और दूरी में ऐसे विलेन ही तो होते हैं जो हर हद पार कर जाते हैं। उसकी हरकतें बता रही थीं कि वह किसी की नहीं सुनेगा। वह सच में खतरनाक था।