वह शख्स जिसके हाथ पर पट्टी बंधी है, उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। वह बस खड़ा है, लेकिन उसकी आंखें सब कुछ कह रही हैं। शायद वह उस लड़की को बचाना चाहता है, या फिर खुद को। टूटे रिश्ते और दूरी के बीच वह एक पहाड़ की तरह खड़ा है। उसकी मौजूदगी ही कहानी बदल सकती है।
ग्रे शॉल ओढ़ी वह महिला सबसे अलग लग रही है। उसकी आंखों में आंसू नहीं, बल्कि एक अजीब सी ठंडक है। वह सब कुछ देख रही है, लेकिन प्रतिक्रिया नहीं दे रही। शायद वह इस नाटक का सबसे बड़ा हिस्सा है। टूटे रिश्ते और दूरी ने उसे पत्थर बना दिया है। उसका हर इशारा मायने रखता है।
सफेद चादर में लिपटा वह शख्स कौन था? उसकी मौत ने सबकी जिंदगी बदल दी। लड़की का रोना, शख्स का गुस्सा, महिला की चुप्पी सब उसी के इर्द गिर्द घूम रहा है। टूटे रिश्ते और दूरी ने उसे ले लिया, लेकिन उसकी यादें सबको सता रही हैं। यह अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।
जब उसे जबरदस्ती खींचा गया, तो उसकी आंखों में बेबसी थी। वह उस शव से दूर नहीं जाना चाहती थी। उसका प्यार, उसका दर्द, उसकी चीखें सब कुछ दिल को छू गया। टूटे रिश्ते और दूरी ने उसे अकेला कर दिया है। वह अब क्या करेगी? यह सवाल सबके दिमाग में है।
पीले और सफेद फूलों से सजा कमरा, लेकिन माहौल में उदासी छाई हुई है। दीवार पर लगे चिन्ह और सामने रखा शव सब कुछ एक कहानी कह रहा है। टूटे रिश्ते और दूरी ने इस जगह को एक अदालत बना दिया है। हर शख्स यहां अपने आप को साबित करने आया है।