वह महिला छह घंटे से घुटनों पर बैठी है, लेकिन पति का दिल पसीज नहीं रहा। ऑफिस में बैठकर वह कहता है कि सब उसका खुद का फैसला था। क्या सच में कोई रिश्ता इतना टूट सकता है कि इंसान अपनी बीमारी भी छिपा ले? (डबिंग) टूटे रिश्ते की यह कहानी दिल को झकझोर देती है।
जब वह अस्पताल में आँख खोलती है, तो सबसे पहले पति के बारे में पूछती है। बेटी के हाथ में रिपोर्ट देखकर सब साफ हो जाता है - कैंसर पूरे शरीर में फैल चुका है। माँ की ममता और पति का गुस्सा, दोनों के बीच फंसी बेटी की आँखों में आँसू देखकर रुला देते हैं। (डबिंग) टूटे रिश्ते में इमोशन का तूफान है।
साइन बोर्ड पर लिखा था 'पति मुझे माफ़ कर दो', लेकिन शायद देर हो चुकी थी। भीड़ इकट्ठा हो गई, लोग अफवाहें फैला रहे थे, लेकिन किसी को नहीं पता था कि वह मरने वाली है। जब वह बेहोश होकर गिरती है, तब जाकर लोगों को अहसास होता है। (डबिंग) टूटे रिश्ते की यह सीन बहुत भारी है।
बेटी माँ के बिस्तर के पास बैठकर रो रही है। डॉक्टर ने कह दिया कि कोई इलाज नहीं बचा। माँ अभी भी पति से मिलना चाहती है, लेकिन क्या वह आएंगे? बेटी की बेबसी और माँ की तड़प देखकर लगता है कि कुछ रिश्ते कभी ठीक नहीं होते। (डबिंग) टूटे रिश्ते में परिवार का दर्द साफ दिखता है।
वह खिड़की से नीचे देख रहा था, जहाँ उसकी पत्नी माफ़ी मांग रही थी। लेकिन उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं था। सेक्रेटरी ने बताया कि वह छह घंटे से वहीं है, फिर भी वह नहीं हिला। क्या गुस्सा इतना बड़ा हो सकता है? (डबिंग) टूटे रिश्ते में यह सीन बहुत गहरा है।