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तूफान: पिता के कंधेवां1एपिसोड

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तूफान: पिता के कंधे

राजेंद्र वर्मा एक मछली वाला है, लेकिन असल में वह एक अरबपति है। उसका बेटा करण साधारण जिंदगी जीता है। लक्की सिंह, करण की मंगेतर ज्योति के साथ मिलकर, एक छोटी सी टक्कर का बदला लेने के लिए करण को ब्लैकमेल करता है और उसकी जान लगभग ले ही लेता है। राजेंद्र आखिरी वक्त पर करण को बचाता है, लेकिन सच सामने आने पर पता चलता है कि असली गद्दार उसका अपना भरोसेमंद दोस्त है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

मछली बाजार में तूफान

राजेंद्र वर्मा की मछली काटने की कला देखकर हैरान रह गया। विजय गुंडों का सरदार बनकर आया, लेकिन राजेंद्र की हुनरमंदी के आगे सब फीका पड़ गया। तूफान: पिता के कंधे में ऐसे ही ड्रामेटिक मोड़ होते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। मछली के टुकड़े हवा में उड़ते देखकर लगा जैसे कोई एक्शन सीन हो।

गुंडों का सरदार आया

विजय का एंट्री सीन देखकर लगा कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। उसकी गोल्ड चेन और लेदर जैकेट ने उसे असली गुंडा बना दिया। लेकिन राजेंद्र की शांति और हुनर ने सबको चौंका दिया। तूफान: पिता के कंधे में ऐसे किरदार होते हैं जो कहानी को नया मोड़ देते हैं।

कैलकुलेटर वाला ड्रामा

राजेंद्र ने कैलकुलेटर निकालकर विजय को हैरान कर दिया। 2420 का नंबर देखकर विजय का चेहरा देखने लायक था। यह सीन दिखाता है कि कैसे एक साधारण चीज भी ड्रामा बना सकती है। तूफान: पिता के कंधे में ऐसे छोटे-छोटे डिटेल्स बड़े इम्पैक्ट देते हैं।

सूट वाला दोस्त आया

लोकेश सिंह का एंट्री देखकर लगा कि अब कहानी में नया ट्विस्ट आएगा। उसका सूट और टाई उसे बाकी से अलग बनाता है। राजेंद्र का दोस्त होने का दावा करता है, लेकिन असली इरादे क्या हैं? तूफान: पिता के कंधे में ऐसे किरदार कहानी को रोचक बनाते हैं।

मछली पकड़ने का चैलेंज

विजय और उसके गुंडे मछली पकड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन राजेंद्र की हुनरमंदी के आगे सब फेल हो जाते हैं। यह सीन कॉमेडी और एक्शन का परफेक्ट मिक्स है। तूफान: पिता के कंधे में ऐसे सीन होते हैं जो दर्शकों को हंसाते भी हैं और हैरान भी करते हैं।

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