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(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्कावां4एपिसोड

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(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का

“योद्धा” अर्जुन नकाब उतारने की रस्म में गायब हो जाता है। माँ की अंतिम इच्छा से वह तीन साल तक मार्शल आर्ट्स छोड़कर बहन के साथ साधारण जीवन जीता है। प्रतियोगिता से पहले बहन हारने लगती है, अर्जुन छिपकर मदद करता है पर उसका मज़ाक उड़ता है। संकट में वह अपनी शक्ति दिखाकर दुश्मनों को हराता है, मगर पता चलता है कि उसका स्थान “प्रकाश मंडल” ने दुश्मनों को दे दिया। सच जानने के लिए वह चयन में उतरता है और अंत में उनके खतरनाक अध्यक्ष से भिड़ता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

मीरा का जज्बात देखकर रोंगटे खड़े

मीरा की लड़ाई देखकर रोंगटे खड़े हो गए। शुरू में वो घबरा गई थी लेकिन फिर उसने अपनी ताकत पहचान ली। उस लड़के ने भी मदद की जो काफी हैरान करने वाला था। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं जो दिल को छू लेते हैं। मारपीट बहुत साफ़ थी और दृश्य कोण भी बेहतरीन था। मुझे ये पसंद आया कि कैसे एक छोटी सी लड़की बड़े मुकाबले में टिकी रही।

दिमाग से जीती मीरा

सिर्फ ताकत नहीं दिमाग भी जरूरी है ये बात मीरा ने साबित कर दी। जब उसे पता चला कि दुश्मन की कमजोरी कहाँ है तो उसने वार किया। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का की कहानी में ये मोड़ बहुत अच्छा लगा। बुजुर्ग की डांट और फिर हिम्मत बढ़ाना सब कुछ असली लग रहा था। मुझे ऐसे नाटक देखना बहुत पसंद है जहाँ हीरोइन खुद अपनी लड़ाई लड़े और जीत हासिल करे।

आँखों में गुस्सा और जुनून

मीरा की आँखों में वो गुस्सा और जुनून साफ़ दिख रहा था जब वो जमीन से उठी। उसने हार नहीं मानी और फिर से कोशिश की। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे जज्बात देखकर अच्छा लगा। वो लड़का भी अजीब था जो बीच में सलाह दे रहा था। क्या वो सच में मदद कर रहा था या कुछ और खेल था। ये रहस्य बना रहा और दर्शकों को बांधे रखा।

पुराने जमाने का अखाड़ा

पुराने जमाने का अखाड़ा और कुंग फू की ट्रेनिंग बहुत शानदार लग रही थी। कपड़े और मंच सजावट पर काफी मेहनत की गई है। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का की दृश्य गुणवत्ता ने मुझे बांधे रखा। मीरा के ब्रेड्स और उसकी पोशाक भी काफी अनोखी थी। ऐसे ऐतिहासिक नाटक आजकल कम ही देखने को मिलते हैं इसलिए ये ताज़गी लगता है और बहुत अच्छा लगता है।

दमदार संवाद और डायलॉग

संवाद बहुत दमदार थे खासकर जब बुजुर्ग ने कहा कि तुम कर सकती हो। मीरा ने भी जवाब दिया कि वो बदला लेगी। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में संवादों की ताकत बहुत है। मुझे वो दृश्य पसंद आया जब उसने कहा कि बाईं करवट पर वार करो। ये दिखाता है कि वो कितनी तेजी से सीख रही है और स्थिति को भांप रही है।

अंत में पलटवार देखकर मज़ा आया

लगा था कि मीरा हार जाएगी लेकिन अंत में पलटवार देखकर मज़ा आ गया। उस लड़के की कमजोरी का पता लगाना आसान नहीं था। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे मोड़ बार-बार देखने को नहीं मिलते। दर्शक भी हैरान रह गए जब उसने सही वार किया। मारपीट के बीच में भावनात्मक जुड़ाव भी बना रहा जो बहुत जरूरी है।

हर पात्र का वजन है

सिर्फ मीरा ही नहीं बल्कि पीछे खड़े लोग भी अपने किरदार में जचे। बुजुर्ग की मौजूदगी से माहौल गंभीर हो गया था। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में हर पात्र का वजन है। वो लोग जो सफेद कपड़ों में थे उनकी चुप्पी भी काफी कुछ कह रही थी। ऐसे बारीकियों पर ध्यान देना ही एक अच्छी निर्माण की निशानी है मुझे तो बहुत पसंद आया।

रफ़्तार बिल्कुल सही रही

शुरुआत धीमी थी लेकिन जैसे-जैसे लड़ाई बढ़ी रफ़्तार तेज हो गई। हर पंच और किक का समय सही था। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का की रफ़्तार बिल्कुल सही रही। कहीं भी बोरियत नहीं हुई क्योंकि हर पल कुछ नया हो रहा था। मीरा के गिरने और संभलने के बीच का समय बहुत तनावपूर्ण था जो दर्शकों को बांधे रखता है।

पात्र का विकास बहुत अच्छा

मीरा का किरदार बहुत मजबूत दिखाया गया है। शुरू में वो उलझन में थी लेकिन अंत में वो आत्मविश्वासी हो गई। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का में पात्र का विकास बहुत अच्छा है। उसने अपनी कमजोरी को ताकत में बदल दिया। मुझे ऐसे किरदार देखना पसंद है जो रुकते नहीं हैं और अपनी मंजिल तक पहुँचते हैं चाहे कुछ भी हो जाए।

कुल मिलाकर मनोरंजक कड़ी

कुल मिलाकर ये कड़ी बहुत मनोरंजक थी। मारपीट और नाटक का अच्छा मिश्रण था। डबिंग ठुकराया हुआ इक्का देखने का अनुभव काफी रोमांचक रहा। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसी सामग्री मिलना सुकून देता है। मैं अगली कड़ी देखने के लिए बेताब हूँ कि आगे क्या होता है जब मीरा ने अपनी ताकत दिखा दी है।