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(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्कावां57एपिसोड

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(डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का

“योद्धा” अर्जुन नकाब उतारने की रस्म में गायब हो जाता है। माँ की अंतिम इच्छा से वह तीन साल तक मार्शल आर्ट्स छोड़कर बहन के साथ साधारण जीवन जीता है। प्रतियोगिता से पहले बहन हारने लगती है, अर्जुन छिपकर मदद करता है पर उसका मज़ाक उड़ता है। संकट में वह अपनी शक्ति दिखाकर दुश्मनों को हराता है, मगर पता चलता है कि उसका स्थान “प्रकाश मंडल” ने दुश्मनों को दे दिया। सच जानने के लिए वह चयन में उतरता है और अंत में उनके खतरनाक अध्यक्ष से भिड़ता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

परंपरा बनाम तकनीक

इस दृश्य में संघर्ष बहुत गहरा है। काले कपड़े वाला व्यक्ति जमीन पर गिरने के बाद भी हार नहीं मान रहा। चश्मे वाला खलनायक तकनीक के घमंड में चूर है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की कहानी में यह मोड़ बहुत रोमांचक है। मेहनत की ताकत को दिखाया गया है।

हार नहीं मानूंगा

नायक की आंखों में जो जुनून है वह देखने लायक है। खून बह रहा है पर हौसला नहीं टूटा। विलेन का मजाक उड़ाना उसे और ताकत दे रहा है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे संवाद दिल को छू लेते हैं। असली ताकत शरीर में नहीं मन में होती।

भविष्य की झलक

नीले चश्मे वाला व्यक्ति भविष्य की बातें कर रहा है। उसे लगता है वह सब कुछ जीत जाएगा। लेकिन परंपरागत योद्धा की आत्मा कभी नहीं मरती। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की यह कड़ी बहुत तनावपूर्ण है। दीवार पर बैठे व्यक्ति की हंसी डरावनी लग रही है।

असली ताकत क्या है

शॉर्टकट से मिली ताकत कभी भी असली मेहनत का मुकाबला नहीं कर सकती। यह संदेश इस दृश्य में बहुत अच्छे से दिया गया है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की पटकथा बहुत मजबूत है। काले कपड़े वाले की वापसी देखकर रोमांच हो गया।

खलनायक का घमंड

सूट पहने हुए व्यक्ति की हंसी में बहुत नफरत है। वह सबको प्रयोग की सामग्री समझ रहा है। लेकिन नायक ने साबित कर दिया कि वह अकेला नहीं है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में ऐसे विलेन हमेशा याद रहते हैं। संवाद बहुत भारी और गहराई वाले हैं।

उम्मीद की किरण

जब सब कुछ खत्म लग रहा था तभी नायक ने फिर से खड़े होकर सबको चौंका दिया। महिला की चिंतित आंखें सब कुछ कह रही हैं। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की कहानी में उम्मीद कभी नहीं मरती। यह दृश्य रोमांच से भरपूर है और दिल भी जीत लेता है।

तकनीक की सीमा

आधुनिक चश्मा पहनकर वह सब कुछ देखने का दावा कर रहा है। पर असली जज्बातों को कोई मशीन नहीं देख सकती। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का में यह संघर्ष बहुत अच्छे से दिखाया गया है। एक्शन दृश्य की कोरियोग्राफी बहुत शानदार और दमदार लगी।

आत्मा की तपस्या

सालों की मेहनत का सार ही असली ताकत है। यह संवाद बहुत प्रेरणादायक है। नायक की आवाज में दर्द है पर डर नहीं है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का के पात्र बहुत गहराई से लिखे गए हैं। यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

अंत अभी बाकी है

विलेन को लगता है कि उसने जीत लिया है। लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। नायक की सांसों में अभी भी आग बाकी है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का का अंत बहुत ही शानदार होने वाला है। यह दृश्य उसी की शुरुआत लग रहा है।

मेहनत का फल

नकली ताकत और आंकड़े सब बेकार हैं। यह सच्चाई इस दृश्य में बहुत खूबसूरती से पेश की गई है। (डबिंग) ठुकराया हुआ इक्का की टीम ने बहुत अच्छा काम किया है। काले कपड़े वाले की वापसी देखकर बहुत खुशी हुई और जोश आ गया।