अस्पताल के उस कोने में दीया का दिल, माफिया का खतरा की शुरुआत होती है। व्हीलचेयर पर बैठी महिला की आँखों में एक अजीब सी चमक है, जैसे वो किसी बड़े खेल की मोहरा हो। नर्स की मुस्कान के पीछे छिपा राज और वो लिफाफा जो सब कुछ बदल देगा, इसे देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
जब वो कागज का टुकड़ा मिला, तो लगा जैसे किसी ने जादू की छड़ी घुमा दी हो। दीया का दिल, माफिया का खतरा में ऐसे मोड़ आते हैं जो सांस रोक दें। उस लड़की की हैरानी और व्हीलचेयर वाली औरत की प्रार्थना, इन दोनों के बीच का कनेक्शन क्या है? यह रहस्य सुलझाना मुश्किल है।
वो काले सूट में खड़ा आदमी सिर्फ एक चेहरा नहीं, बल्कि आने वाले तूफान का संकेत है। दीया का दिल, माफिया का खतरा की कहानी में उसकी एंट्री से माहौल भारी हो गया। उसकी आँखों में छिपी ठंडक और गंभीरता बता रही है कि अब खेल बदलने वाला है, सावधान रहें।
ऊपर से दिखा वो खूबसूरत घर, दीया का दिल, माफिया का खतरा का नया पड़ाव है। बाहर से जितना शांत लग रहा है, अंदर उतना ही शोर होने वाला है। बॉक्स उतारते हुए उस ताकतवर आदमी और दीया के बीच की बहस ने साफ कर दिया कि यहाँ सुकून नहीं, बल्कि जंग होने वाली है।
उस दाढ़ी वाले आदमी का गुस्सा और दीया की बेबसी, दीया का दिल, माफिया का खतरा का सबसे तनावपूर्ण पल है। घर के बाहर खड़े होकर हुई ये बहस साफ बता रही है कि ये रिश्ता खून का नहीं, बल्कि मजबूरी का है। उसकी आवाज में जो दहाड़ है, वो दिल दहला देती है।