जैसे ही दरवाजा खुला और वो काले सूट वाला शख्स अंदर आया, माहौल में सन्नाटा छा गया। दीया का दिल, माफिया का खतरा की शुरुआत ही इतनी तनावपूर्ण है कि सांसें रुक सी गईं। उसकी आंखों में गुस्सा और ठंडक दोनों साफ झलक रहे थे। पीछे खड़ा बुजुर्ग आदमी और घबराई हुई लड़की—सब कुछ एक धमाके की तरह फटने वाला लग रहा था।
वो बुजुर्ग आदमी सीढ़ियों के पास जमीन पर गिरा हुआ है, चेहरे पर मौत का डर साफ दिख रहा है। दीया का दिल, माफिया का खतरा में ऐसे दृश्य दिल दहला देते हैं। उसकी आंखें फैली हुई हैं, जैसे कोई अंतिम सांस ले रहा हो। पीछे से आवाजें आ रही हैं, लेकिन वो हिल भी नहीं पा रहा। ये दृश्य इतना रियलिस्टिक है कि लगता है सब कुछ असल में हो रहा हो।
उस लड़की की आंखों में आंसू और चेहरे पर बेबसी साफ झलक रही है। दीया का दिल, माफिया का खतरा में ऐसे इमोशनल मोमेंट्स दिल को छू लेते हैं। वो कुछ कहना चाहती है, लेकिन शब्द गले में अटक गए हैं। उसकी सांसें तेज हैं, और वो बार-बार उस काले सूट वाले की तरफ देख रही है। ऐसा लगता है जैसे वो अपनी जान बचाने की भीख मांग रही हो।
जब वो गन उस बुजुर्ग आदमी के सिर पर तानी गई, तो लगता है समय थम गया। दीया का दिल, माफिया का खतरा में ऐसे सीन्स दिल की धड़कनें बढ़ा देते हैं। उसकी आंखों में मौत का साया साफ दिख रहा है। वो कुछ बोलना चाहता है, लेकिन गले से आवाज नहीं निकल रही। पीछे खड़ा आदमी बिल्कुल शांत है, जैसे ये सब उसके लिए आम बात हो।
उस लड़की के कंधों पर काला कोट डालते हुए वो शख्स कुछ कह रहा है, लेकिन उसकी आवाज में नरमी नहीं, बल्कि एक अजीब सी ठंडक है। दीया का दिल, माफिया का खतरा में ऐसे मोमेंट्स बहुत गहरे होते हैं। लड़की की आंखों में डर और उलझन दोनों हैं। वो समझ नहीं पा रही कि ये कोट उसे बचाएगा या और फंसाएगा।