शुरुआत का दृश्य बहुत ही रहस्यमयी था। लाल पर्दों वाले कमरे में माहौल इतना भारी था कि सांस लेना मुश्किल लग रहा था। जब वह लड़की डर के मारे कांप रही थी और वह आदमी इतना शांत था, तो समझ आ गया कि दीया का दिल, माफिया का खतरा वाली कहानी में कुछ गड़बड़ है। उस आदमी की आंखों में एक अजीब सी चमक थी जो डरावनी भी थी और आकर्षक भी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना सच में रोंगटे खड़े कर देता है।
जब कहानी अचानक उस फ्यूचरिस्टिक गाड़ी में शिफ्ट हुई, तो मैं हैरान रह गया। वह आदमी अब सूट में था और उसके चेहरे पर एक अलग ही कड़कपन था। पीछे बैठे बुजुर्ग आदमी का रवैया बता रहा था कि वह कोई साधारण ड्राइवर नहीं है। दीया का दिल, माफिया का खतरा के प्लॉट में यह ट्विस्ट बहुत जबरदस्त लगा। लगता है अब कहानी किसी बड़े मिशन की तरफ बढ़ रही है। एक्शन और ड्रामा का यह मिश्रण कमाल का है।
जब उस आदमी ने सीट के नीचे से वह बक्सा निकाला और उसमें बंदूक और गोलियां दिखाई दीं, तो पूरा माहौल बदल गया। यह सिर्फ एक रोमांटिक ड्रामा नहीं है, इसमें खतरा भी है। उस लड़की के चेहरे पर मासूमियत और उस आदमी के पास हथियार, यह कॉन्ट्रास्ट बहुत गहरा है। दीया का दिल, माफिया का खतरा की कहानी अब और भी दिलचस्प हो गई है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखकर अगले एपिसोड का इंतजार नहीं होता।
उस लड़की का किरदार बहुत प्यारा है। सफेद कपड़े और फूलों वाले हेयर क्लिप्स उसे एक परी जैसा लुक दे रहे हैं। जब वह गाड़ी से उतरकर चलती है, तो उसकी चाल में एक अलग ही नजाकत है। लेकिन लगता है कि वह इस खतरनाक खेल का हिस्सा बन चुकी है। दीया का दिल, माफिया का खतरा में उसकी मासूमियत और बाकी दुनिया की खूंखारपन का टकराव देखने लायक है। उसकी आंखों में डर और उम्मीद दोनों साफ दिख रहे हैं।
पहले वह आदमी कमरे में इतना शांत और रहस्यमयी लग रहा था, लेकिन गाड़ी में आते ही उसका रूप बदल गया। अब वह एक प्रोफेशनल और खतरनाक व्यक्ति लग रहा है। उसकी आंखों में जो ठंडक है, वह बताती है कि वह किसी बड़े मकसद के लिए तैयार है। दीया का दिल, माफिया का खतरा के किरदार इतने गहरे हैं कि हर सीन में कुछ नया पता चलता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे लेयरड किरदार देखना सुकून देता है।