शुरू में लगा साधारण फल विक्रेता है पर जब उसने अपनी चमकती हुई शक्तियों का प्रयोग किया तो रोंगटे खड़े हो गए। पुनर्जन्म मैं ही हूँ महाबली में ऐसा मोड़ बिल्कुल उम्मीद नहीं था। जब वह बूढ़े व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रहा था उसकी आंखों में दर्द साफ दिख रहा था। यह कहानी सिर्फ कार्रवाई नहीं भावनाओं से भरी है।
रात के समय उस पुराने घर का दृश्य बहुत डरावना था। जब नायक ने लटके हुए व्यक्ति को देखा उसकी चीख दिल दहला देने वाली थी। पुनर्जन्म मैं ही हूँ महाबली की कहानी में हर मोड़ पर नया रहस्य है। बच्चे को गले लगाते वक्त जो मायूसी थी वह शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। काश वह उस बूढ़े को बचा पाता।
एक तरफ शाही महल और सूट पहने लोग दूसरी तरफ टूटा हुआ घर और फल बेचने वाला। पुनर्जन्म मैं ही हूँ महाबली ने इस विषमता को बहुत खूबसूरती से दिखाया है। जब नायक ने यंत्र पर बंधी हुई महिला को देखा तो उसके चेहरे का गुस्सा देखकर लग रहा था कि अब वह चुप नहीं बैठेगा। कार्रवाई दृश्य की तैयारी शुरू हो गई है।
हाथों से निकलती हुई सुनहरी रोशनी ने सबको हैरान कर दिया। ऐसा लगा जैसे कोई देवता अवतरित हुआ हो। पुनर्जन्म मैं ही हूँ महाबली में विशेष प्रभाव बहुत शानदार हैं। जब वह छत पर छिपे हुए दुश्मन को देख रहा था तो माहौल में तनाव चरम पर था। अब वह बदला लेने के लिए तैयार है। यह श्रृंखला देखने लायक है।
उस छोटे बच्चे को रोते हुए देखकर कोई भी भावुक हो जाएगा। नायक ने उसे संभाला पर उसकी आंखों में बदले की आग साफ दिख रही थी। पुनर्जन्म मैं ही हूँ महाबली की कहानी में परिवार का बंधन बहुत मजबूत दिखाया गया है। जब उसने मृतक के ऊपर हाथ रखे तो लगा शायद चमत्कार हो जाए पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
अचानक यंत्र पर दृश्य आना और उसमें चीखती हुई महिला को देखना सबसे बड़ा मोड़ था। पुनर्जन्म मैं ही हूँ महाबली में कहानी बहुत तेजी से आगे बढ़ती है। नायक का गुस्सा अब जायज लग रहा है। उसे पता चल गया है कि यह सब एक साजिश है। अब वह अकेले ही पूरे गिरोह से लड़ने को तैयार खड़ा है। अंत का इंतजार है।
काले कपड़ों में छत पर छिपा हुआ व्यक्ति खतरे की घंटी बजा रहा था। नायक को अब अपने आसपास का ध्यान रखना होगा। पुनर्जन्म मैं ही हूँ महाबली में दुश्मन कहीं भी हो सकते हैं। जब उसने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया तो हवा में चिंगारियां उड़ रही थीं। यह दृश्य छायांकन का कमाल था। अब असली लड़ाई शुरू होगी।
चीखने के बाद जब वह खड़ा हुआ तो लगा जैसे वह अब पहले वाला इंसान नहीं रहा। पुनर्जन्म मैं ही हूँ महाबली में किरदार का विकास बहुत तेजी से हुआ है। फल बेचने से लेकर शक्तिशाली योद्धा बनने तक का सफर आसान नहीं होगा। उसकी मुट्ठियां भिंची हुई थीं और आंखों में नफरत साफ झलक रही थी। बहुत ही दमदार अभिनय है।
शुरुआत में जो अमीर घर दिखा वह सिर्फ एक धोखा था असली कहानी तो उस पुराने आंगन में छिपी है। पुनर्जन्म मैं ही हूँ महाबली ने वर्ग संघर्ष को भी छूआ है। जब नायक ने अपनी शक्ति का इस्तेमाल बचाने के लिए किया तो वह नाकाम रहा। यह असफलता उसे आगे चलकर और मजबूत बनाएगी। कहानी में गहराई है।
यह श्रृंखला अभी शुरू हुई है और इतना सब हो गया। आगे क्या होगा यह सोचकर ही रोमांच हो रहा है। पुनर्जन्म मैं ही हूँ महाबली में हर कड़ी में नया खुलासा होता है। नायक की शक्तियां अभी पूरी तरह जागृत नहीं हुई हैं। जब वह पूरी ताकत से लड़ेगा तो सब कांप जाएंगे। नेटशॉर्ट पर देखने का मजा ही अलग है।