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मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानीवां1एपिसोड

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मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी

सूर्य वर्मा पशु-साधना की दुनिया में असफल जागरण के बाद दिव्य प्रणाली से जुड़ता है और वैंपायर रानी आलिया से बंधन करता है। अपनी रक्त प्रतिभा से वह ऊँचा स्तर प्राप्त करता है, विश्वविद्यालय में प्रवेश पाता है, शत्रुओं को हराता है, प्रतियोगिताओं में जीत हासिल करता है और अंत में राक्षस गुफाओं की खतरनाक यात्रा शुरू करता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

सूर्य का टूटा दिल

सूर्य वर्मा का दर्द देखकर दिल भर आया। कृति शर्मा ने धन के चक्कर में उसे छोड़ दिया, लेकिन उसे क्या पता था कि सूर्य की किस्मत पलटने वाली है। विक्रम सिंह के सामने वह छोटा लग रहा था, पर असली ताकत तो अभी जागनी थी। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। सूर्य की आँखों में आंसू थे, पर मुट्ठी भिंची हुई थी। बदला लेने का समय आ गया है।

रानी का आगमन

आलिया मेहता का आगमन दृश्य ही कातिलाना था। लाल बाल और वो बैंगनी आँखें, सीधे दिल में उतर गईं। जब वह घायल होकर सूर्य के पास गिरी, तो लगा कहानी में कुछ बड़ा होने वाला है। उसने सूर्य को काटा, पर यह हमला नहीं बल्कि वादा था। खून का रिश्ता अब उन्हें बांध चुका है। इस शो का जादू देखते ही बनता है। रात की चांदनी में उनकी मुलाकात किसी सपने जैसी लगी।

शक्ति का जागरण

प्रणाली सक्रिय होने वाला पल रोंगटे खड़े करने वाला था। जैसे ही आलिया ने सूर्य का खून पिया, सब कुछ बदल गया। वह साधारण इंसान नहीं रहा, अब वह उसकी रानी का स्वामी है। पर्दे पर वो सुनहरा संदेश देखकर मजा आ गया। शक्ति प्राप्त करने का यह तरीका बहुत अनोखा लगा। आगे क्या होगा, यह जानने की बेचैनी बढ़ गई है। सूर्य की नियति अब बदल चुकी है।

धोखे की कीमत

कृति शर्मा को लगा उसने सही चुना, विक्रम सिंह के पास सब कुछ था। पर उसने हीरे को पहचानने में गलती कर दी। सूर्य वर्मा अब अकेला नहीं है, उसके पीछे एक पूरी ताकत खड़ी है। उस कागज को देखकर बुरा लगा, पर अंत में वही जीतेगा। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी की कहानी में यह धोखा जरूरी था। अब सूर्य अपनी काबिलियत सबको दिखाएगा।

अंधेरी गली का वादा

रात के अंधेरे में वो गली का दृश्य बहुत डरावना और प्रेम भरा था। सूर्य ने आलिया को बचाया, भले ही वह खुद खतरे में था। उनकी बनावट देखते ही बनती है। जब वह उसे गोद में उठाता है, तो लगता है जैसे दुनिया रुक गई हो। लाल रंग की शक्ति ने माहौल को और भी तनावपूर्ण बना दिया। यह जोड़ी पर्दे पर जचती है। दर्शक भी इस पल को जीते हैं।

दृश्यों का जादू

चित्रण की बारीकी और रंग संयोजन लाजवाब है। चांदनी रात से लेकर उस सुनसान गली तक, हर झलक में जान है। सूर्य की सफेद बाल और आलिया की लाल पोशाक का अंतर बहुत अच्छा लगा। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी में दृश्यों पर खासा ध्यान दिया गया है। संवाद कम थे, पर आँखों ने सब कह दिया। तकनीक का उपयोग कहानी को मजबूत बनाता है।

घमंड का अंत

विक्रम सिंह का घमंड देखकर गुस्सा आता है। उसने सोचा पैसों से सब खरीद सकता है, पर ताकत असली नहीं थी। सूर्य वर्मा के पास अब वो प्रणाली है जो सबको हैरान कर देगा। कृति शर्मा को पछतावा होगा जब सूर्य की असली ताकत सामने आएगी। बदले की आग अब धीरे-धीरे सुलग रही है। अहंकार का अंत बुरा होता है।

खून का अनुबंध

आलिया मेहता सिर्फ खूबसूरत नहीं, बहुत ताकतवर भी है। फिर भी वह सूर्य पर निर्भर क्यों हुई? शायद उसे उसमें कुछ खास दिखा। उनका खून का अनुबंध सिर्फ शारीरिक नहीं, आत्मिक भी है। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी में यह बंधन आगे की कहानी का आधार बनेगा। उनकी नजरें मिलते ही जादू हो गया। यह रिश्ता गहरा होता जाएगा।

दर्द और शक्ति

सूर्य के चेहरे पर दर्द और हैरानी साफ दिख रही थी। जब आलिया ने उसे काटा, तो वह चिल्लाया, पर रुका नहीं। यह दर्द ही उसकी नई शक्ति की कुंजी है। उसकी आँखों में अब डर नहीं, चमक है। यह रूपांतरण दृश्य बहुत ही दमदार तरीके से दिखाया गया है। दर्शक भी उसके साथ महसूस करते हैं। खून के रिश्ते की शुरुआत हो गई।

आगे की राह

कहानी की रफ्तार बिल्कुल सही है। न तो बहुत धीमी और न ही बहुत तेज। हर कड़ी में एक नया मोड़ है। सूर्य वर्मा का सफर अभी शुरू हुआ है। कृति और विक्रम को जवाब मिलना बाकी है। मोह का स्वामी, देवियाँ दीवानी का अगला भाग कब आएगा, सबको इंतजार है। यह शो निराश नहीं करता। हर पल उत्सुकता बनी रहती है।